




यूजीसी कानून के समर्थन में तथा जाति जनगणना को दृढ़ता से लागू करने के पक्ष में मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ का रायपुर में प्रदर्शन संपन्न
आज 14 फरवरी को मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ द्वारा अन्य जन संगठनों के सहयोग से यूजीसी नए कानून तथा जाति जनगणना को दृढ़ता से लागू करने के पक्ष में,बैकलॉग को भरने तथा फासिस्ट संघ परिवार द्वारा हिंदुराष्ट्र के नाम पर राज्य में अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमान और ईसाई समुदाय को प्रताड़ित करने के खिलाफ जुलूस और आमसभा का आयोजन किया गया।जुलूस राजधानी रायपुर के नलघर चौक से बूढ़ातालाब धरना स्थल तक निकाला गया।जहां ये आमसभा में तब्दील हो गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉमरेड जनक लाल ठाकुर पूर्व विधायक तथा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा थे।संचालन मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ के संयोजक अमरजीत पटेल ने किया।वक्ताओं में प्रख्यात बुद्धिजीवी विष्णु बघेल,कॉमरेड सौरा राज्य सचिव भाकपा( माले) रेड स्टार,कॉमरेड तुहिन अखिल भारतीय संयोजक जाति उन्मूलन आंदोलन CAM और क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच RCF,अधिवक्ता भंजन जांगड़े,दशरथ अहिरवार,बुद्धिस्ट प्रचारक विंग छत्तीसगढ़ संयोजक सविता बौद्ध संकल्पी, अधिवक्ता सुरेखा जांगड़े,एडवोकेट शाकिर कुरैशी अखिल भारतीय महासचिव राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा,छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संघ के संयोजक श्याम मूरत कौशिक,प्रोग्रेसिव क्रिश्चियन एलायंस छत्तीसगढ़ के संयोजक अखिलेश एड्गर,अधिवक्ता कात्यायनी वर्मा,शगुन वर्मा,चंद्रप्रकाश ढीढी,सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रभाकर ग्वाल तथा जयश्री बौद्ध ने अपनी बात रखी।प्रदर्शन के अंत में मूलनिवासी संघ छत्तीसगढ़ की ओर से भारत के राष्ट्रपति के नाम शासकीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।प्रदर्शनकारियों ने बाबासाहेब डॉक्टर अम्बेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की शपथ लिया।साथ ही देश की 85 फीसदी बहुजन मूलनिवासियों पर संघी मनुवादी फासीवादी ताकतों द्वारा निर्मम जातिव्यवस्था पर आधारित हिंदुराष्ट्र और उसके संविधान के रूप में क्रूर मनुस्मृति को थोपने के खिलाफ एक समतावादी समाज के निर्माण के लिए तमाम प्रगतिशील लोकतांत्रिक ताकतों,दलित उत्पीड़ित, आदिवासी समुदाय, महिलाओ और अल्पसंख्यकों को एकजुट कर संघर्ष छेड़ने का संकल्प लिया गया।





