



उद्योग प्लांट रोड पर मौत का सफर: फोरलेन नहीं, हादसे थम नहीं रहे
‘आज किसी की पारी, कल हमारी’: ट्रेलर जांच पर उठे सवाल—श्याम गुप्ता
उद्योग प्लांट रोड पर रोज़ हो रहे सड़क हादसे अब सामान्य खबर बनते जा रहे हैं। व्यस्तता के नाम पर इन दुर्घटनाओं में हो रही मौतों की गिनती तक नहीं हो पा रही। क्षेत्र में अनगिनत उद्योग स्थापित हैं और असंख्य कोयला ट्रेलर दिन-रात दौड़ रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक इस मार्ग पर 20 से 25 वर्ष हो गए अनगिनत प्लांट माइंस पर फोरलेन सड़क का निर्माण नहीं हो पाया।
प्रेस रिपोर्टर क्लब के संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज जिले की जनता मौन है, लेकिन यह नहीं समझ रही कि “आज किसी और की पारी है, कल हादसे की पारी हमारी भी हो सकती है।” श्याम गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े औद्योगिक क्षेत्र में बिना फोरलेन के भारी ट्रेलरों का संचालन अपने आप में दुर्घटनाओं को न्योता देना है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सड़क हादसों के बाद अक्सर मोटरसाइकिल और कार चालकों की नशे की जांच की जाती है, लेकिन ट्रेलर चालकों की नियमित जांच क्यों नहीं होती? कोयला ट्रेलरों की रोज़ाना नशा जांच अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द फोरलेन सड़क का निर्माण हो, ट्रेलर गति नियंत्रण हो और सख्त जांच व्यवस्था लागू की जाए, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।




