



एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने उठाए अटल यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं के गंभीर मुद्दे
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में आज कार्यपरिषद की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने बैठक में उपस्थित कार्यपरिषद के सदस्यों से मुलाकात कर विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रहित और प्रशासनिक अनियमितताओं से अवगत कराया। रंजेश सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यपरिषद के सदस्यों को अधूरी, भ्रामक और गलत जानकारी देकर नियमविरुद्ध निर्णयों पर सहमति ले रहे हैं, जिससे अनजाने में परिषद सदस्य भी इन गलत कार्यों का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पदोन्नति और भर्तियों को लेकर अनावश्यक जल्दबाजी की जा रही है। नियमों की अनदेखी करते हुए, बिना सक्षम प्राधिकारी और उच्च कार्यालय की स्वीकृति के नियुक्तियां और प्रमोशन किए जा रहे हैं, जबकि इसकी पूरी जानकारी कार्यपरिषद को दी ही नहीं जाती। इतना ही नहीं, कार्यपरिषद के निर्णयों को सार्वजनिक करने में भी भारी गोपनीयता बरती जा रही है। निर्णयों की प्रतिलिपि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जाती, जिससे आमजन और छात्र जानकारी से वंचित रहते हैं। सूचना के अधिकार के तहत भी सही जानकारी प्राप्त करना कठिन बना दिया गया है।
रंजेश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि मेरिट के आधार पर पदोन्नति न पाने वाले कर्मचारियों को कैस प्रमोशन देने का चलन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बिना पद स्वीकृति के ही सहायक प्राध्यापकों की भर्ती कर दी गई, जिसे कार्यपरिषद की बैठक में लिफाफा खोलकर सब कुछ सही दिखाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा सत्र के चलते स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बावजूद जानबूझकर आनन-फानन में कार्यपरिषद की बैठक आयोजित की गई, जो संदेह पैदा करती है। एनएसयूआई ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की है।
रंजेश ने बताया की अंततः 2:30 घंटे के इंतजार और भारी कार्यपरिषद के सदस्यों से मुलाक़ात हुई पर पुराने सदस्य से मुलाक़ात करने जान बूच कर नहीं दिया गया क्योंकि सभी पुराने मामले की खुल जाती पोल हमने नए सदस्यों को सारी बातो से अवगत कराया उन्हीने सभी बातो को ध्यान में रखने की बात कही,
इस दौरान रंजेश सिंह, पुष्पराज साहू, करन यादव, राजा खान, अतुल रजक मौजूद रहें




