जीपीएम जनपद सीईओअटैचमेंट का खेल…..कोई हुआ पास कोई हुआ फेल….

बात माने तो ठीक नहीं तो हो जाओगे अटैच…..जीपीएम जिला इन दिनों सुर्खियों में बना

बिलासपुर/ जीपीएम/जीपीएम में इन दिनों नेताओं के टारगेट में सीईओ जनपद आ रहे हैं क्योंकि नेताओं की द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार अधिकारियों की संलिप्तता से इंकार किया जाना अटैचमेंट का कारण बन गया है अटैचमेंट का जिस अधिकारी नें आदेश जारी किया है क्या अटैचमेंट उनके अधिकार क्षेत्र में है।
जिला कलेक्टर कार्यालय में एक इंजीनियर जिसे कोटा स्थानांतरण होने के बाद भी रोक कर रखा गया है कहते हैं कि वह कमाऊ इंजीनियर है और कमा कर देता है इतना ही नहीं फर्जी इंजीनियर श्रवण बाधित दिव्यांग की श्रेणी में आता है।
जिले का एक बांध के ऊपर तैरता रेस्टोरेंट
जिसे करोड़ों की लागत से बनाया गया लेकिन धरातल पर बांध के ऊपर बनाया गया तैरता रेस्टोरेंट
का भौतिक सत्यापन करा लिया जाय तो एक बड़े पैमाने पर हुए संगठित भ्रष्टाचार का खुलासा होगा। यही नहीं जनपद कार्यालयों में किस दलबदलू नेता की गाड़ियां चल रही है गाड़िया चलाए जाने के लिए भयंकर दबाव बनाया जाता है नहीं करो तो अधिकारियों के खिलाफ झूठी मनगढ़ंत शिकायत कर सस्पेंड या अटैचमेंट का गंदा खेल खेला जाता है।इस तरह से जिले में पूरा खेल हो रहा है।और कई अधिकारी और कर्मचारी इसके शिकार भी हो रहे है।

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