


‘होम्योपैथिक शिविर, डी.पी. विप्र कॉलेज में ‘
बिलासपुर- स्थानीय डी.पी. विप्र महाविद्यालय में आज 10 अप्रैल 2026 को होम्योपैथिक दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य शिविर रेडक्रास सोसायटी, जिला आयुश अधिकारी बिलासपुर, एन.सी.सी./एन.एस.एस.के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। उक्त शिविर के मुख्य अतिथि डॉ. यशपाल सिंह धु्रव, कार्यक्रम के अध्यक्षता डॉ. भारती श्रीवास ने किया। इस अवसर पर डॉ. ओंकार सिंह राजपूत, डॉ. कोमल सिंह डोडे, डॉ. विश्वनाथ पटेल, डॉ. अजय भारती, डॉ. रश्मि जितपुरे, डॉ. रूखमणी कुर्रे, डॉ. अनीता सोनी, डॉ. सुरेखा कौशिक, डॉ. सना अहमदखान, डॉ. सत्येन्द्र कुमार वर्मा, डॉ. पंकज पटेल, डॉ. योगेन्द्र नाथ चौहान, श्री मोहन टंडन फार्मासिस्ट उपस्थित थे।
डॉ. यशपाल सिंह धु्रव ने अपने उद्बोधन में बताया कि डॉ. फैडरिक सैमुअल हैनीमेन जो कि 1755 से 1843 को सम्मानित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। आपने होम्योपैथी प्रणाली की खोज की थी। अध्यक्षता करते हुए डॉ. भारती श्रीवास ने बताया कि भारत विश्व के सबसे बड़े होम्योपैथी पर कार्य करने वाले देशों में से एक है, तीन लाख पच्चीस हजार से अधिक पंजीकृत डॉक्टर भारत में है। इस अवसर पर डॉ. सुरेखा कौशिक, डॉ. अजय भारती ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य को बताते हुए संस्था के लोक प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एम.एस. तम्बोली ने होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे मुख्य धारा की चिक्त्सि में बढ़ावा देना बताया। 2026 का थी है ‘‘सतत् स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी‘‘ डॉ. हैनीमैन एक जर्मन चिकित्सक थे जिन्होंने 18वीं शताब्दी के अंत में इस चिक्तिसा पद्धति को विकसित किया था यह दिवस उनकी याद में और होम्योपैथी को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। कार्यक्रम की सफलता के लिए संस्था के चेयरमेन श्री अनुराग शुक्ला, प्राचार्य डॉ. अंजू शुक्ला ने बधाई दी और कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य से लोगो में जागरूकता आती है। तथा लोग स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एम.एस. तम्बोली तथा आभार प्रदर्शन डॉ. निधिश चौबे ने किया। इस अवसर पर डॉ. मनीश तिवारी, डॉ. आभा तिवारी, डॉ. किरण दुबे, प्रो. यूपेश कुमार एन.एस.एस. अधिकारी, प्रो. आकांक्षा गौतम, प्रो. हैल्सियन कांत, तथा एन.एस.एस. तथा एन.सी.सी. के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
प्राचार्य
डी.पी.विप्र महाविद्यालय
बिलासपुर (छ.ग.)



