

करवां चौथ के आध्यात्मिक रहस्य पर विशेष व्याख्यान
निर्मानता ही महानता है, निर्मान के आगे परमात्मा भी झुकते है:बीके मंजू
बिलासपुरः प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा मे पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है।
बीके मंजू ने कहा कि निर्मान का अर्थ है जिसमे किसी से भी मान सम्मान की लालसा न हो। आज हर व्यक्ति मान सम्मान चाहता है पर दुसरो को सम्मान देने मे अभिमान आड़े आ जाता है। निर्मानचित्त व्यक्ति के आगे परमात्मा भी झुकते है तो मनुष्य आत्मा क्या चीज है। बस निर्मानता को अपना निजी संस्कार बनाना होगा।
आगे कहा कि निर्मानता का गुण धारण करने के लिये मन को निर्मल बनाना होगा। व्यर्थ की बाते, परचिंतन मन को दूषित करती है और समय भी नष्ट करती है। निर्मानचित्त और निर्मल वाणी अगर जीवन मे धारण हो जाय तो हर कर्म मे सफलता निश्चित है।
मंजू दीदी ने सभी माताओ को करवां चौथ की शुभकामनायें दी। कहा कि ब्रह्मा ने चन्द्रमा की शीतलता अपने जीवन मे धारण की। परमेश्वर हम सभी मनुष्य आत्माओं के पति भी है। परमात्मा से मिलन ब्रह्मा के माध्यम से होता है इसी के यादगार मे पहले चन्द्रमा फिर पतिपरमेश्वर के दर्शन कर व्रत को पूर्ण किया जाता है।

