बिलासपुर – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा पर चर्चा के आयोजन को नोनीहालो के भविष्य की सुरक्षा के लिए संवेदनशील मुखिया की रचनात्मक पहल बताते हुए पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा परीक्षा पर चर्चा का यह सातवां संस्करण है। विश्व में शायद ही कोई बिरला देश होगा जहां के प्रधानमंत्री छोटे-छोटे बच्चों की शिक्षा और परीक्षा की तैयारी को लेकर बाल मन को प्रेरित करने की सीधी पहल करते हो।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने एवं विद्यार्थियों में तत्संबधी तनाव दूर करने के लिए सीधा संवाद किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बच्चों से सीधा संवाद कर उन्हें परीक्षा को एक उत्सव की तरह मनाने तनावमुक्त एवं उत्साह के साथ दिलाने के टिप्स दिए। कार्यक्रम में  प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के सुकमा की छात्रा उमेश्वरी को अपने पास बैठाकर देश के बच्चों से वार्षिक एवम बोर्ड एग्जाम की तैयारी के लिए  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रदेश भर के स्कूली बच्चों ने  पालको  और गुरुजनों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में  देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रेरक उद्बोधन सुना। सीधे संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री जी से फिर भी खोकर तैयारी करने घबराहट और झिझक से बचाव, कैरियर निर्माण के लिए जरूरी प्रयासन आदि पर प्रधानमंत्री जी से सवाल किया।जिस पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उत्तर दिया कि धैर्य के साथ  परीक्षा को एक उत्सव की तरह देखना बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन से विद्यार्थियों एवं पालको में नई ऊर्जा का संचार हुआ। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विष्णु देवसाय जी ने भी राजधानी में स्थानीय ऑडिटोरियम में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा एवं जारी संदेश में बच्चो से  कहा कि आप सभी कितने सौभाग्यशाली हैं कि जब आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तब आपको न सिर्फ आपके शिक्षकों, माता-पिता और मित्रों का साथ मिल रहा है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी आपके साथ खड़े हैं।
अमर अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हर साल परीक्षा से पहले विद्यार्थियों से चर्चा कर उन्हें सफल परीक्षार्थी बनने,परीक्षा की तैयारी के दौरान आप स्वयं को तनाव से किस तरह दूर रहने के उपाय  बताते है। अनुशासन, लगन, मेहनत, सकारात्मक  भाव से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। पाठ्यक्रम को सीखने के साथ   शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन से ही अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण होता है। अमर अग्रवाल ने जारी संदेश में बच्चों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए योग ध्यान, प्राणायाम, नियमित  दिनचर्या ,खानपान ध्यान देते हुए  विद्यार्थियों से सफलता असफलता के भय से परे लर्निंग आउटकम पर आधारित लक्षित अध्ययन प्रक्रिया पर ध्यान देने का आग्रह किया।श्री अग्रवाल ने दिल्ली में हुई परीक्षा में चर्चा कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ से सुकमा,बस्तर ,कोटा,कांकेर के शामिल हुए बच्चों को बधाई दी।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।