आज दिनांक 03/12/2025 को सी एम डी विज्ञान अनुसंधान मॉडल प्रदर्शनी 2025 का आगाज हुआ।

इस कार्यक्रम में विज्ञान, पर्यावरण, भूगोल, वनस्पति विज्ञान, कृषि, औद्योगिक विज्ञान, स्वास्थ्य, जेनेटिक साइंस, अंतरिक्ष विज्ञान, घरेलू बिजली आदि विषयों पर छात्र-छात्राओं द्वारा लगभग 41 चलित मॉडल प्रस्तुत किए गए तथा 25 मॉडल पोस्टर के रूप में प्रदर्शित किए गए।
कार्यक्रम में लगभग 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आज के आयोजन में मुख्य अतिथि बिलासपुर शहर के माननीय विधायक श्री अमर अग्रवाल जी उपस्थित थे। साथ ही शासी निकाय के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे तथा शासी निकाय के सम्माननीय सदस्य श्री अमन दुबे जी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

मुख्य अतिथि माननीय श्री अमर अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सी एम डी विज्ञान अनुसंधान मॉडल प्रदर्शनी 2025 का आयोजन करना एक सराहनीय पहल है। यह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उस सपने को साकार करने की दिशा में कदम है, जिसमें वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की गई है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं स्टार्टअप एवं मेक इन इंडिया के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न कर रहे हैं। छात्रों को केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहकर स्वयं ऐसा उद्योग स्थापित करना चाहिए जिससे अनेक लोगों को रोजगार मिल सके।
उन्होंने बताया कि विश्व के कुल स्टार्टअप में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा भारत का है। इसलिए छात्र-छात्राओं को शोध एवं अनुसंधान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए तथा स्टार्टअप योजना में पंजीयन कर सहायता राशि प्राप्त की जा सकती है।

शासी निकाय के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे ने कहा कि सी एम डी विज्ञान अनुसंधान मॉडल प्रदर्शनी 2025 के सफल आयोजन से महाविद्यालय गौरवान्वित है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक एवं समसामयिक मॉडल उनकी प्रतिभा, सृजनशीलता और मेहनत को दर्शाते हैं। महाविद्यालय सदैव प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देता है और आगे भी ऐसे अवसर प्रदान करता रहेगा।

मॉडल मूल्यांकन हेतु विशेषज्ञों की टीम गठित की गई थी, जिसमें शामिल थे —
डॉ. हामिद अब्दुल्ला (विभागाध्यक्ष, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, डिपार्टमेंट ऑफ होटल मैनेजमेंट),
श्रीमती रश्मि देवरस,
श्रीमती पूजा खनूजा (पूर्व महिला आयोग सदस्या)।

विशेषज्ञों ने बड़े उत्साह के साथ एक से बढ़कर एक मॉडल देखे और बच्चों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विभागवार प्रमुख मॉडल

वनस्पति विज्ञान (बॉटनी विभाग) – योग्यता वर्मा, योगिता सिंह, परम पाठक, रामेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में बोटैनिकल गार्डन का मॉडल तैयार किया गया, जिसमें पौधों की विशेष किस्मों एवं उनके उत्पादन की प्रक्रिया दर्शाई गई।

भूगोल विभाग – अर्पण द्वारा रिवर बेसिन मॉडल तथा अवनीश साहू, टोमन मिश्रा, लक्ष्मीकांत साहू, सिमरन कंवर आदि द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन (Renewable Resources of Energy) पर मॉडल बनाया गया, जो रोहित लहरे सर के मार्गदर्शन में निर्मित था।

वाणिज्य विभाग – छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था तथा लाइफस्टाइल पर आधारित मॉडल, डॉ. यशस्वी मिश्रा के मार्गदर्शन में संघमित्रा एवं बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्रों द्वारा तैयार किया गया, जिसमें ग्रामीण संस्कृति, खेती व सामाजिक ढांचे को दर्शाया गया।

जूलॉजी विभाग – संजय नारायण, लखन और निकिता द्वारा मछली पालन का मॉडल, तथा कलर पोल्ट्री फार्मिंग एवं डेयरी फार्मिंग के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए।

बायोटेक्नोलॉजी विभाग – रोशनी तिवारी, अंशु राठौर, प्रिंस यादव द्वारा Hydro-blown Drought Silt मॉडल तैयार किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।

रसायन शास्त्र विभाग – निकिता, वेद प्रकाश एवं विनय कुमार द्वारा Plastic Degrading Micro-organisms पर मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिसमें छात्रों को विभिन्न बैक्टीरिया की भूमिका समझाई गई।

प्रबंध संकाय के छात्र सुमित साहू ने स्वदेशी उपकरणों का उपयोग करते हुए एक ड्रोन मॉडल प्रस्तुत किया, जो लगभग 5000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है तथा मॉनिटर पर लाइव दृश्य प्रदर्शित करता है।

शासी निकाय के सम्माननीय सदस्य श्री अमन दुबे ने कहा कि छात्रों द्वारा बनाए गए पोस्टर, रंगोली एवं मॉडल उनकी जिज्ञासा और नवाचार क्षमता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि सी एम दुबे महाविद्यालय के पूर्व छात्रों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप में आज 100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जो महाविद्यालय की उपलब्धि है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अंजली चतुर्वेदी प्राचार्य शिक्षा
डॉ. कमलेश शुक्ला, डॉ. कमलेश जैन, हर्ष शर्मा, डॉ. एस. पावनी, डॉ. विभा सिंह, डॉ. विनीत नायर, डॉ. राजकुमार पांडा, सुनीता असाटी, नरेंद्र टंडन सहित महाविद्यालय के एनसीसी एवं एनएसएस कैडेट्स का विशेष योगदान रहा।
अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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