आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़

सरकार की धान खरीदी की अव्यवस्था के कारण किसान जहर पीने पर मजबूर = प्रियंका शुक्ला अधिवक्ता इव प्रदेश उपाध्यक्ष

धान नहीं खरीदने के बहाने,टोकन देने लिए भौतिक सत्यापन प्रकिया किसानों का अपमान, पुनः टोकन बांटना शुरू करे, धान खरीदी का समय बढ़ाए सरकार = प्रियंका शुक्ला

अस्पताल में भर्ती किसानों को सरकार ने छोड़ा भगवान भरोसे,अच्छे अस्पताल में पूरा इलाज कराया जाए जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाये- अभिषेक मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष,आप

छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान खरीदी कि अव्यवस्था पर आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने कहा कि किसान नक्सली को समर्पण करवाकर बोर हो चुकी है, इसलिए शायद अब रकबा समर्पण करवा रही है सरकार, किसानों का रकबा सुधार, एग्ग्रीस्टेक पंजीयन जैसी समस्याओं पर आम आदमी पार्टी ने धान खरीद शुरू होने से पहले से ही लगातार सरकार को चेताया था लेकिन इस डबल इंजन की सरकार के ना मंत्री ना अफसर किसी के भी कानों में जूँ तक नहीं रेंगा, ये अपने अहंकार में अपनी गलती को ना मानने को तैयार हैं और ना सुधारने को तैयार हैं, भले ही किसानों को इनकी गलती का खामियाजा अपनी जान देकर चुकाना पड़े। इससे पहले भी किसानों ने प्रशासनिक कारणों के चलते आत्महत्या की है लेकिन ये पहला मामला है जब किसी किसान ने धान खरीद की अव्यवस्था को लेकर अब तक प्रदेश में 3 किसानों ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है। ये सीधा सीधा इनकी धान खरीद पर लाई नई पॉलिसी की नाकामी और अपने धान खरीदी के 21 क्विंटल के वादे से बचने के लिए बीमा कंपनियों जैसे प्रलोभन देने के बाद नीचे नियम और शर्ते लागू जैसे रास्ते अपना रही है, इनका उद्देश्य कैसे भी करके चाहे रकबा काटके चाहे एग्रेस्टेक में पंजीयन के बहाने से रकबा काट कर किसान की धान खरीदी कम करना है। जब ताकत नहीं थी तो एक एक दाना लेंगे ये वादा क्यों किया? अब जब वादा निभाने का समय आया है तो दुनिया भरके अड़ंगे लगाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है।

पेशे से किसान अभिषेक मिश्रा जो कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष है उन्होंने कहा कि केंद्र में भी इन्होंने ऐसे ही स्वामीनाथन की सिफारिशे लागू करने का वादा करके किसानों को ठगा, अब छत्तीसगढ़ राज्य में भी वही काम कर रहें हैं।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ये मांग करती है कि किसानों का कोई रकबा ना काटा जाए और एग्रीस्टेक पंजीयन की अनिवार्यता को भी खत्म किया जाए व सरकार की गलती की वजह जिन किसानों का रकबा कटा हैं उनको जितना रकबा कटा है उस हिसाब से उनकी फसल का जितना मूल्य होता है उतना मुआवजा दिया जाए व अस्पताल में भर्ती किसानों को अच्छे प्राईवेट अस्पताल में पूरा इलाज कराया जाए जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाए। अन्यथा आम आदमी पार्टी प्रदेश के किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर किसानों के साथ मिलकर सड़क पर प्रदर्शन करेगी।
आम आदमी पार्टी के नेतागण ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने किसानों के साथ खड़े होकर, उनके हक की लड़ाई लड़ते आई है और आगे भी लड़ेगी, समय रहते किसानों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो भविष्य में इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे।
आम आदमी पार्टी आंदोलन करेगी, किसानों की आवाज उठाते रही है और आगे भी उठाएगी।

मीडिया टीम
आम आदमी पार्टी

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