बिलासपुर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत कथित रूप से बिना पंजीयन नंबर के वाहन चलाने के मामले को लेकर कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनके नाम पर ₹2000 अर्थदंड लगाए जाने की जानकारी उन्हें मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और वे इस मामले को अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में चुनौती दे रहे हैं।

श्री श्रीवास ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उनके अनुसार सोशल मीडिया में यह गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है कि उनके खिलाफ माननीय न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं, जबकि उनके मुताबिक न्यायालय ने केवल मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 के तहत जांच के निर्देश दिए हैं, न कि किसी आपराधिक प्रकरण या बीएनएस के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 के तहत बिना पंजीयन के वाहन चलाने पर ₹2000 से ₹5000 तक के अर्थदंड का प्रावधान है और इस मामले में जांच के बाद न्यायालय ही अंतिम निर्णय करेगा। उन्होंने कहा कि वे जांच में अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे और उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है।
श्री श्रीवास ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी कोनी निवासी मदन मोहन पांडे और कालू सोनी द्वारा पिछले कई वर्षों से उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठी शिकायतें की जाती रही हैं, जिनकी जांच में पहले भी आरोप निराधार पाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में भी उनके खिलाफ की गई शिकायतों की पुलिस द्वारा जांच कर आरोपों को असत्य पाया गया था, जिसकी प्रतियां उन्होंने उपलब्ध कराई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया में दुष्प्रचार के मामले में उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मानहानि का प्रकरण भी न्यायालय में लंबित है।
वहीं इस मामले को लेकर दूसरे पक्ष का कहना है कि शिकायत नियमानुसार दर्ज कराई गई थी और मामले की जांच न्यायालय के निर्देशानुसार की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे अपने आरोपों को प्रमाणित करने के लिए संबंधित मंचों पर अपना पक्ष रखेंगे।



फिलहाल यह मामला न्यायालयीन प्रक्रिया में है और जांच के बाद ही तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
