
संयुक्त भारतीय मजदूर संगठनों द्वारा चार नये लेबर कोड बिल के खिलाफ आज भारत बंद का निर्णय लिया था
भारत बंद १२ फरवरी: १० केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का हड़ताल
संयुक्त भारतीय मजदूर संगठनों द्वारा चार नये लेबर कोड बिल के खिलाफ दिनांक १२ फरवरी को भारत बंद का निर्णय लिया था जिसके समर्थन स्वरुप छत्तीसगढ़ सेल्स प्रमोशन एम्पलाईज यूनियन की बिलासपुर ईकाई द्वारा भी १२ फरवरी दिन शुक्रवार को बंद का ऐलान किया गया है।
राज्य ईकाई महासचिव श्री रोशन कुमार नें बताया कि उक्त नवीन लेबर कोड बिल की वजह से कर्मचारियों को नौकरी से निकालना आसान हो जाएगा।
श्री अंबुज अग्निहोत्री व श्री मनीष कुंभारे नें बताया कि यदि उक्त बिल लागू होता है तो यूनियन के अधिकार सीमित हो जाएंगे और नियोक्ता मनमानी करने लग जाएंगे।
संगठन उपाध्यक्ष श्री अमित सिंह एवं कोषाध्यक्ष श्री कमलेश यादव नें जानकारी दी कि नये लेबर कोड बिल के कारण स्थायी रोजगार की जगह अस्थायी नियुक्तियां बढ़ेंगी जिससे नियोक्ताओं को पूर्ण लाभ होगा।
ईकाई सहसचिव श्री प्रसेनजीत घोष व श्री लोकेश त्रिवेदी नें उक्त बिल के लागू होने पर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कमजोर होनें की संभावनाओं की आशंका व्यक्त की।
श्री दिनेश पटेल (अध्यक्ष सीजीएसपीईयू बिलासपुर ईकाई) के अनुसार सीजीएसपीईयू बिलासपुर ईकाई के हजारों साथीगण प्रातः ५ बजे से शाम ४ बजे तक विभिन्न स्थलों पर ड्यूटी देकर मेडिकल काम्प्लेक्स के धरनास्थल पर उपस्थित रखकर कार्यक्रम का संचालन करेंगे तत्पश्चात माननीय जिलाधीश, बिलासपुर को अपने राष्ट्रीय संगठन एफ.एम.आर.ए.आई का ज्ञापन सौंपकर धरने को पूर्णतया सफल बनाएंगे।
संगठन के राज्य प्रमुख श्री अनुपम उपाध्याय नें बताया कि सीजीएसपीईयू बिलासपुर ईकाई, प्रस्तावित नवीन वेज कोड बिल को रद्द करने और पुरानें श्रम कानूनों को पुनः बहाल कर भारतवर्ष में लागू करने की मांग रखता है।
राज्य सचिव श्री अमित राय नें कहा कि नये वेज कोड बिल के साथ ही साथ ड्राफ्ट सीड बिल,इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल और शांति न्यूक्लियर बिल वापस लेने की मांग के तहत ट्रेड यूनियन काउंसिल का नेतृत्व भी हमें समर्थन करने के लिए साथ रहने वाला है।
-नीरज त्रिवेदी
सचिव,सी.जी.एस.पी.ई.यू.
बिलासपुर ईकाई

