राकेश मिश्रा की रिपोर्ट……

बिलासपुर….छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली मितानिनों (आशा कार्यकर्ताओं) ने अपनी मांगों को लेकर शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ मितानिन (आशा) यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में मितानिनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने 17 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

यूनियन का कहना है कि कोरोना काल में ‘फ्रंटलाइन वॉरियर’ के रूप में कार्य करने के बावजूद मितानिनों को आज भी न्यूनतम मजदूरी तक नसीब नहीं हो रही है। शासन द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बेहद कम है और उसका भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता।

10 हजार मानदेय और कर्मचारी दर्जे की मांग
मितानिनों की प्रमुख मांग स्वास्थ्य विभाग के शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाना है। वर्तमान में उन्हें मिलने वाले 2200 रुपये के सरकारी अंश को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की गई है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मानदेय का भुगतान टुकड़ों में नहीं, बल्कि हर महीने की 6 तारीख तक एकमुश्त किया जाए।

रविवार की छुट्टी और सामाजिक सुरक्षा की मांग
मितानिनों ने बताया कि वे सातों दिन और 24 घंटे सेवाओं के लिए उपलब्ध रहती हैं। रविवार को भी मीटिंग और प्रशिक्षण आयोजित किए जाने से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर रविवार को सभी विभागीय कार्यों से उन्हें मुक्त रखा जाए।
इसके साथ ही पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा राशि के तत्काल भुगतान और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है। यूनियन का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की स्थायी सुरक्षा नहीं मिल रही है।

चेतावनी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने उनकी 17 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल ज्ञापन सौंपने के बाद मितानिनों ने शासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी मानी जाने वाली इन कार्यकर्ताओं की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है।

*समाचार के लिए संपर्क करें….9827171483*

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed