जीपीएम पुलिस की सटोरियों के सिम सप्लायर और किराए पर खाता देने वालों पर कड़ी कार्यवाही , सभी पर ठगी कूट रचना आपराधिक षडयंत्र समेत आईटी एक्ट की धाराओं में की गई कार्यवाही

ग्राहकों को धोखा देकर उनकी आईडी से सिम जेनरेट कर सटोरियों को सिम सप्लाई करने वाले को भी जीपीएम पुलिस ने किया गिरफ्तार

सटोरियों को किराए पर अपने खातों का उपयोग करने सट्टे का पैसा खाते में लेने वाले युवक भी हुए गिरफ्तार, रकम ट्रैक करने बुकी को फर्जी तरीके से मिले सिम नंबर को करा रखा था अपने खातों में लिंक ताकि सट्टे में मिलने वाले पैसों की जानकारी मिल सके

कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी, बरामद हुए कई मोबाइल सटोरियों के कई सिम और उनसे जुड़ी बैंक जानकारियां

गिरफ्तार आरोपी

  1. अजय यादव आ. राम जी यादव आयु 27 वर्ष पता जनपद कार्यालय के पास पतगँवा पोस्ट/थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही (छ.ग.)
  2. जितेन्द्र कुमार सोनवानी आ. सुदामा प्रसाद आयु 23 वर्ष पता बड़का मोहल्ला ग्राम बरवासन थाना गौरेला जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही (छ.ग.)
  3. राज कुमार कश्यप आ. गंगाराम कश्यप आयु 40 वर्ष पता ग्राम कुडकई पोस्ट/थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही (छ.ग.)
  4. राहुल कोरी आ. सुरेश कोरी आयु 24 वर्ष पता डाईट कॉलोनी पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही (छ.ग.)
    05 अनुराग सोनी आ. संतोष सोनी आयु 19 वर्ष पता ग्राम बंधी थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही (छ.ग.)
  5. योगेश देवांगन आ. स्व. संतोष कुमार देवांगन जन्मतिथि 08.01.2000 पता सकर्रा स्कूल पारा पोस्ट/थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ.ग.) हाल मुकाम रूद्र पटेल के मकान में किराये से अमरपुर फूटाबांध रोड में पेंड्रा थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही (छ.ग.) विदित हो कि कुछ दिन पहले स्काईएक्सचेंज राजा रानी ऐप के जरिए ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खिलाने वालो की जानकारी प्राप्त होने पर *पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता* के निर्देश पर साइबर सेल एवं पेंड्रा थाना के द्वारा हर्ष जायसवाल और प्रकाश केवट पर थाना पेंड्रा में कार्यवाही की गई थी जिसमे एक आरोपी रितेश सुलतानिया मौके से भागने में कामयाब हो गया था जो आज दिनांक तक फरार है जिसके जप्त मोबाइल से मिली जानकारियों के आधार पर जीपीएम पुलिस ने सटोरियों को किराए पर अपने खातों का उपयोग करने हेतु देने वाले और सट्टे का पैसा खाते में लेने वाले युवक गिरफ्तार किए गए हैं। इन युवकों के खाते में आई रकम ट्रैक करने बुकी को फर्जी तरीके से मिले सिम नंबर को करा रखा था अपने खातों में लिंक ताकि सट्टे में मिलने वाले पैसों की जानकारी मिल सके । सट्टे की रकम हेतु हायर किए खाते की पासबुक चेकबुक और एटीएम रख लिया करते हैं सट्टा खिलाने वाले बदले में कभी पांच हजार तो कभी दस हजार इनको दिया करते हैं। वहीं जब सट्टा खाईवाल रितेश द्वारा इस्तमाल किए जा रहे नंबरों की जानकारी ली गई तब लोकेट करते हुए साइबर सेल की टीम पेंड्रा के एक युवक के पास पहुंची जिसे उसके नाम से सिम जारी होने का जरा भी इल्म नहीं था जिसने बताया कि पेंड्रा का एक युवक योगेश देवांगन कुछ माह पहले पीएनबी बैंक के पास सिम बेचने का स्टाल लगाया था जहां एक माह के लिए अनलिमिटेड डाटा इत्यादि जैसे लुभावने ऑफर्स के साथ वह सिम बेच रहा था। युवक जब योगेश देवांगन के स्टाल गया तो योगेश ने दो बार उससे थंब इंप्रेशन की पंचिंग और फोटो करवाई जिसमे पहले बार एक्टिवेशन न होने पाने की बात कही फिर युवक को एक सिम देकर दो दिन बाद चालू हो जाएगा कहकर भेज दिया जो बाद में एक्टिवेट भी नहीं हुआ । उक्त बयान के आधार पर योगेश देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह इसी तरह स्टाल में आए भोले भाले ग्राहकों के नाम सिम एक्टिवेट करने के बहाने सट्टा खाईवालों के लिए सिम पोर्ट कर देता है और इस तरह आम ग्राहकों की आईडी भ्रमित करके सिम अलॉट करने हासिल करता है जिससे वह हजारों सिम एक्टिवेट कर चुका है । उसके बताए अनुसार रितेश सुलतानिया समेत कुछ अन्य सट्टे का कारोबार करने वाले इससे सिम खरीदते हैं जिसे वह 150 से 200 रुपए प्रति सिम लाभ कमाकर बेच देता है। फिलहाल जीपीएम पुलिस आरोपी योगेश का पुलिस रिमांड लेकर और पूछताछ कर रही है जिसमे योगेश के अन्य फर्जी सिम के खरीददारों के नाम सामने आने की संभावना है। बहरहाल कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जिनसे बरामद हुए कई मोबाइल, सटोरियों के कई सिम और उनसे जुड़ी बैंक जानकारियां पुलिस टटोल रही है। योगेश देवांगन की पुलिस रिमांड और अन्य सभी पांच आरोपियों पर ठगी कूट रचना आपराधिक षडयंत्र समेत आईटी एक्ट की धाराओं में कार्यवाही करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।