


राज्य सरकार ने निगम, मंडल,बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की सूची जारी कर दी है। सूची आने के बाद नियुक्ति का इंतजार कर रहे लोगों में खुशी हैं, वहीं जिन लोगों को नियुक्ति नहीं मिली है, वे अब साय सरकार की दूसरी सूची का इंतजार कर रहे हैं, जो केंद्रीय मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद जारी हो सकती है। सरकार ने जिन आयोग, बोर्ड, निगम-मंडलों और परिषदों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति की है, वहां सदस्यों की नियुक्ति बाद की जाएगी।

इसी क्रम में सरगुजा जिला से अनुराग सिंह देव को अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल का दायित्व सौंपा गया है।अनुराग सिंह देव की पकड़ भाजपा संगठन में अच्छी है। सरगुजा संभाग में लोकप्रिय युवा नेता के रूप में पहचान बनाने के बाद राजनीतिक पायदान पर उन्होंने अच्छी ख्याति अर्जित करके विषम परिस्थिति में भी अपनी मुस्कुराहट को बरकरार रखा। अविभाजित सरगुजा के शंकरगढ़ निवासी अनुराग सिंह देव की स्कूली शिक्षा मध्यप्रदेश के शहडोल से शुरू हुई, इसके बाद वे कॉलेज की शिक्षा के लिए अंबिकापुर आ गए। कॉलेज में शिक्षा लेने के दौरान उन्होंने अपनी राजनीति एबीवीपी से शुरू की और छात्रों का एक बड़ा समूह एकत्र किया।

कुछ ऐसी है इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि
अनुराग सिंह देव का जन्म 17 जून 1975 को हुआ, इनके पिता स्व. अरुण सिंह देव अविभाजित सरगुजा जिला में शंकरगढ़ के जमींदार थे। शंकरगढ़ वर्तमान में बलरामपुर जिला अंतर्गत आता है। व्यवहार कुशलता एवं आम लोगों के प्रति उनका हमेशा सहयोगात्मक रूख रहा। इनकी मां रायगढ़ चंद्रपुर राजघराने की हैं। चंद्रपुर विधानसभा में लम्बे समय तक अनुराग सिंह देव के मामा व अन्य परिवार के सदस्य विधायक रहे हैं। ऐसे में देखा जाए तो इन्हें राजनीति विरासर्ता में मिली, जो आज भी बरकरार है। अनुराग सिंह देव को युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं बल्कि भाजयुमो के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रह चुके हैं। संगठन के शीर्ष नेता देते रहे बड़ी जिम्मेदारी विधि तक शिक्षा अर्जित किए अनुराग सिंह देव वर्ष 1992 से एबीव्हीपी के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते छात्र राजनीति के पायदान को तय किए। 2000 में युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सरगुजा का दायित्व उन्हें मिला, जिसका बखूबी उन्होंने निर्वहन किया। इसके बाद वर्ष 2008 में प्रथम बार विधानसभा चुनाव में वे वे शामिल हुए,

इन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता टीएस सिंहदेव को कड़ी टक्कर दी। इसके बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन्हें उम्मीदवारी का मौका वर्ष 2010 से 2015 तक पुनः दिया, लेकिन कहीं न कहीं इन्हें भितरघात के कारण हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भी भाजपा व संगठन की मजबूती के लिए हर स्तर पर वे काम करते रहे, जिसके कारण संगठन के शीर्ष नेताओं ने उन्हें हर बार बड़ी जिम्मेदारी दी। अनुराग सिंहदेव भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, 2016 में प्रदेश मंत्री भाजपा, 2020 में प्रदेश प्रवक्ता भाजपा, भाजपा से बिलासपुर संभाग प्रभारी जैसे दायित्व उन्हें दिया गया। भाजपा सदस्यता अभियान के संयोजक के रूप में सदस्यताअभियान में 60 लाख सदस्य जोड़ने का उन्होंने रिकार्ड बनाया।
