बिलासपुर। बिलासपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी और सेवाभूमि की जमीन हड़पने का मामला विधानसभा में गूंजा। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि एक ही कॉलोनाइजर ने नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (नगर एवं ग्राम निवेश) विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर नियमों को दरकिनार करते हुए बड़े पैमाने पर जमीन का खेल किया है। इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
50 शिकायतें, 28 में आदेश पारित
विधायक द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 से 4 फरवरी 2026 तक निर्मित आवासीय कॉलोनियों और व्यावसायिक परिसरों से जुड़ी कुल 50 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें
बुनियादी सुविधाओं के अभाव से संबंधित 21 शिकायतें,
रेरा अनुमति नहीं लेने की 2 शिकायतें,
भू-सम्पदा राशि वापसी की 15 शिकायतें,
अधिपत्य दिलाने की 11 शिकायतें,
क्षतिपूर्ति की 1 शिकायत शामिल है।
इनमें से 28 मामलों में आदेश पारित किए जा चुके हैं, जबकि 22 शिकायतें अभी प्रक्रियाधीन हैं।
टाउनशिप एक्ट उल्लंघन का आरोप
विधायक सुशांत शुक्ला ने सदन में आरोप लगाया कि लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में बिना वैध अनुमति निर्माण कार्य किया गया। अलग-अलग संस्थानों के नाम पर टुकड़ों में ले-आउट पास कराए गए। सेवाभूमि को ईडब्ल्यूएस श्रेणी में दर्शाकर पास कराया गया, जबकि वह मूल रूप से कोटवार को आवंटित भूमि थी। उन्होंने ऐसे बिल्डर की जमीन की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सरकंडा के तीन खसरा नंबरों का भी मामला
विधायक ने बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के तीन खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति लिए बिना नगर निगम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुज्ञा जारी कर दी। उन्होंने उक्त अनुज्ञा निरस्त करने और संबंधित जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
‘गलत जानकारी’ देने का आरोप
सदन में विधायक ने यह भी कहा कि निगम अधिकारियों ने मंत्री को गलत जानकारी उपलब्ध कराई, जिसके आधार पर गलत जवाब प्रस्तुत किया गया। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी पहले ही गठित की जा चुकी है, जिसमें विभागीय अधिकारियों के साथ नगर एवं ग्राम निवेश और नगर निगम के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने विधायक से दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा और आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद बिलासपुर में जमीन और कॉलोनाइजर संबंधी गतिविधियों पर प्रशासनिक निगरानी और सख्ती बढ़ने की संभावना है।

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