कड़ाके की ठण्ड और कयामत की रातें थी,जबर जुल्म की हद पार करने वाली बातें थी,शहीद होने का उनमें कमाल का जुनून था,कैसे झुक जाते वो जबर जुल्म के आगे,जिनकी रगों में श्री गुरु गोविंद सिंह जी का खून था।
कड़ाके की ठण्ड और कयामत की रातें थी,जबर जुल्म की हद पार करने वाली बातें थी,शहीद होने का उनमें कमाल का जुनून था,कैसे झुक जाते वो जबर जुल्म के आगे,जिनकी…
