बिलासपुर होली के पावन पर्व को मानवीय और करुणापूर्ण ढंग से मनाने के उद्देश्य से भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) ने नागरिकों से पशु-पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। बोर्ड ने कहा है कि होली आनंद, सद्भाव और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, इसलिए उत्सव के दौरान यह विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचे।

बोर्ड द्वारा जारी परामर्श में बताया गया है कि तेज आवाज, पटाखों की ध्वनि, अचानक रंग फेंकना तथा रासायनिक रंगों का उपयोग पशुओं और पक्षियों के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। इनसे उनकी त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचने के साथ वे भयभीत होकर आक्रामक भी हो सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि जानवरों पर रंग डालने, रंगीन पानी फेंकने या उन्हें जबरन पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचें।

परामर्श में यह भी कहा गया है कि पालतू जानवरों को सुरक्षित और शांत स्थान पर रखें तथा भीड़भाड़ और शोरगुल वाले क्षेत्रों से दूर रखें। होलिका दहन के बाद बचे अवशेष, प्लास्टिक कचरा या अन्य हानिकारक पदार्थ खुले में न छोड़ें, ताकि जानवर उन्हें खाकर बीमार न हों।

बोर्ड ने प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल रंगों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा है कि यदि कोई पशु रंग या रसायन के संपर्क में आ जाए तो उसे तुरंत स्वच्छ पानी से धोएं और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें। भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पशु क्रूरता निवारण कानूनों के तहत पशुओं के प्रति अमानवीय व्यवहार दंडनीय अपराध है। अतः सभी नागरिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ होली मनाएं तथा प्रेम, सहानुभूति और करुणा का संदेश दें।

रिपोर्ट…….राकेश मिश्रा
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