


बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) नैक से ए++ ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल के सक्षम नेतृत्व एवं कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 20 मार्च, 2025 को मध्याह्न 12 बजे भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के साथ निर्णायक श्री लखनलाल साहू, पूर्व सासंद, बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र रहे। निर्णायक के रूप में हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. दिनेश चहल तथा स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. यू.के. श्रीवास्तव थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो. अमित कुमार सक्सेना ने की। मंचस्थ अतिथियों में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदिवे भी उपस्थित रहे। युवा संसद कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राजेंद्र कुमार मेहता रहे। सर्वप्रथम मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर मां सरस्वती, संत घासीदास बाबा तथा छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का नन्हें पौधे से स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन युवा संसद कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राजेंद्र कुमार मेहता ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री लखनलाल साहू, पूर्व सासंद, बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र ने 17वीं युवा संसद प्रतियोगिता में सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को समझना और जानना चाहिए। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को संसदीय कार्य प्रणाली तथा भारत गणराज्य की लोकतांत्रिक परंपरा से अवगत कराते हैं। युवाओं को अपनी कथनी और करनी में समानता रखनी चाहिए जिससे उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता में वृद्धि होगी।
निर्णायक के रूप में हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. दिनेश चहल ने कहा कि युवा अनुशासन एवं स्थापित व्यवस्था के अनुरूप कार्य करें जिससे उनके नेतृत्व कौशल में निखार आएगा। उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र का सबसे मजबूत पक्ष सबको साथ लेकर चलना तथा विचारों का सम्मान करना है।
स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. यू.के. श्रीवास्तव ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हमें संसद के दृश्य इस मंच पर सजीव रूप में देखने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि युवाओं ने संसदीय कार्यप्रणाली को सजीव रूप में प्रस्तुत करने का सफल प्रयास किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी कुलपति प्रो. अमित कुमार सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने मनमोह लिया। युवा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने प्रदर्शन की प्रशंसा की और युवा विद्यार्थियों को संसद की कार्यवाही देखने के लिए प्रेरित किया।
इससे पूर्व संसद की कार्यवाही पूरे विधान के साथ आयोजित की गई जिसमें लोकसभा स्पीकर तेजस्विनी बांधे, प्रधानमंत्री शाश्वत शुक्ला तथा विपक्ष के नेता के रूप में अलंकृता मिश्रा ने भूमिका निभाई। विपक्ष ने सरकार को प्रश्नकाल एवं शून्यकाल के दौरान आवास, रेलवे, बिजली, किसान और रक्षा के मुद्दों पर घेरा। वहीं एआई से लेकर स्पेस तक सभी सवालों के सरकार ने आंकड़ों के साथ जवाब दिये। विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को सरकार ने ध्वनिमत से जीत लिया।
मंचस्थ अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदिवे एवं संचालन डॉ. एस.के. निराला ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बिलासपुर शहर के गणमान्य नागरिक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।