
खेल को ईमानदारी के साथ खेलें, जीवन का महत्वपूर्ण अंग……कुलपति डॉ. सारस्वत
बिलासपुर। अंचल के प्रतिष्ठित महाविद्यालय सीएमडी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, बिलासपुर (छ.ग.) में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रो. सारस्वत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं विशिष्ट उपस्थिति शसी निकाय सदस्य अमन दुबे, प्राचार्य डॉ. संजय सिंह तथा डॉ. अंजलि चतुर्वेदी मंचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. सारस्वत ने अपने उद्बोधन में कहा कि “खेलकूद न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास का विकास करता है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि अमन दुबे जी ने कहा कि “खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की नींव रखते हैं। ऐसे आयोजनों से प्रतिभाओं को मंच मिलता है और युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।” उन्होंने महाविद्यालय द्वारा इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता की सराहना की।

डॉ. संजय सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “खेलकूद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाती हैं तथा उनमें हार-जीत को समान रूप से स्वीकार करने की क्षमता विकसित करती हैं।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रेरित किया।
डॉ. अंजलि चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि “महिला एवं पुरुष विद्यार्थियों की समान भागीदारी खेलों के माध्यम से सामाजिक संतुलन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।” उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल विधाओं का परिचय दिया गया तथा प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। मंच से सभी खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन एवं आपसी सद्भाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाविद्यालय में अध्यनरत बी.एड. एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समस्त शिक्षार्थियों को चार समूहों प्रतिभा, प्रयास, प्रगति एवं प्रतीक निकेतन में विभाजित किया गया है।
इन समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और सहयोग की भावना विकसित होती है।
अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आज के इस कार्यक्रम में श्री राजकुमार पांडा, श्रीमती नीलू कश्यप, श्रीमती गुलाब पाठक, श्रीमती अंकित शर्मा, श्री मोनिका दत्त, श्रीमती अनीता दुबे, श्रीमती तृप्ति पटेल, भारती विश्वकर्मा, श्री प्रशांत गुप्ता, श्री सोनिल कुमार मिश्रा के साथ-साथ समस्त कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
