बिलासपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विनियम 2026 को लेकर बिलासपुर में गुरुघासीदास सेवादार संघ (जीएसएस) ने समर्थन जताते हुए कुछ बिंदुओं पर सुधार की मांग उठाई है। 27 फरवरी को जेल रोड स्थित डॉ. अंबेडकर मूर्ति स्थल पर आयोजित सभा-प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही।

संगठन ने कहा कि University Grants Commission द्वारा जारी विनियम 2026 का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव के मामलों में अब अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी संरक्षण के दायरे में शामिल किया गया है। जीएसएस ने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि Rohith Vemula और Payal Tadvi जैसे मामलों के बाद संस्थागत भेदभाव को रोकने के लिए सख्त नियमों की आवश्यकता महसूस की गई थी।
हालांकि संगठन ने विनियम में ईडब्ल्यूएस वर्ग को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका तर्क है कि यह प्रावधान मूल रूप से जातिगत भेदभाव के उन्मूलन के लिए बनाया गया है, ऐसे में आर्थिक आधार को जोड़ना इसके उद्देश्य से भटकाव है।
जीएसएस ने मांग की कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में छात्र प्रतिनिधि निर्वाचित हों, बैकलॉग भर्तियां शीघ्र पूरी की जाएं तथा जाति जनगणना कराई जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि विनियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और आवश्यक संशोधनों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

रिपोर्ट…….राकेश मिश्रा
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