बिलासपुर, दिनांक 21 मई 2026

NEET-UG 2026 पेपर लीक घोटाले के खिलाफ आज बिलासपुर में एनएसयूआई ने जोरदार आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बिलासपुर रंजीत सिंह के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें केंद्र की भाजपा सरकार, शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा एजेंसी की घोर विफलता पर तीखा हमला बोला गया।

इस दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बिलासपुर रंजीत सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते! NEET जैसे गंभीर मुद्दे पर जब सरकार और उसकी एजेंसियां छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं रख पा रही हैं, तो उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने आगे बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि NEET-UG 2026 में हुआ पेपर लीक केवल एक परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के सपनों की हत्या है। “यह सीधा-सीधा युवाओं के भविष्य के साथ धोखा है, और इसके लिए जिम्मेदार इस देश की निकम्मी व्यवस्था और केंद्र की भाजपा सरकार है जिसके शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में 80 प्रकार के पेपर लीक की घटना हो चुकी है।

रंजीत सिंह ने देश के प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “परीक्षा पे चर्चा करने वाले प्रधानमंत्री आज यह बताएं कि उनकी सरकार में परीक्षा क्यों सुरक्षित नहीं है? छात्रों को भाषण नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए। आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।”

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने केंद्र के शिक्षा मंत्री को इस पूरे घोटाले का नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “शिक्षा मंत्री की लापरवाही और विफलता ने लाखों छात्रों को मानसिक प्रताड़ना झेलने पर मजबूर किया है। उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि National Testing Agency पूरी तरह फेल हो चुकी है और यह संस्था अब छात्रों के भविष्य के लिए खतरा बन गई है। “हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि NTA को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए इसे बैन किया जाए, अन्यथा यह देश के युवाओं के साथ और भी बड़े अन्याय करेगी।”

रंजीत सिंह ने देशभर में सामने आई छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि “इन मासूम छात्रों की मौत के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या यह केवल उनकी कमजोरी थी, या इस भ्रष्ट और असफल सिस्टम ने उन्हें उस कगार तक पहुंचाया? हम मानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा प्रणाली पर है।”

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और NTA को बैन करने का निर्णय नहीं लिया गया, तो एनएसयूआई सड़कों पर उतरकर देशव्यापी उग्र आंदोलन करेगी। “यह केवल विरोध नहीं, यह छात्रों के भविष्य की लड़ाई है — और इस लड़ाई में हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”

आज का यह ज्ञापन छात्रों के हक, न्याय और सुरक्षित भविष्य के लिए एक मजबूत आवाज है, जो अब रुकने वाली नहीं है।

इस अवसर पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के साथ प्रदेश महासचिव विकास सिंह ठाकुर, प्रदेश सचिव लोकेश नायक, बेलतरा विधानसभा अध्यक्ष विक्की यादव, जिला उपाध्यक्ष सुमित शुक्ला, जिला महासचिव शुभम जायसवाल, जिला महासचिव प्रवीण साहू,विपिन साहू, राकेश तिवारी, शिवांश शुक्ला, शुभम,वंश दुबे,उमेश चंद्रवंशी, पुष्पराज यादव, अंश बाजपेई, हिमांशु यादव, कमलेश पटेल,किशोर साहू,विक्की तिग्गा,कमलेश सिदार,वेदांत नायडू,अमन मानिक, अंश दुबे, बिट्टू सूर्यवंशी,सुजल शर्मा आदि एनएसयूआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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