अपने अहं को बढ़ाने के लिए नहीं, छोटों की मदद के लिए बनें सीनियर – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

एक-दूसरे को सम्मान देकर आगे बढ़ाएं, द्वेष की भावना से दूर रहें

आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एण्टी-रैगिंग सप्ताह का आयोजन

बिलासपुर टिकरापारा – एण्टी रैगिंग दिवस के अवसर पर आयुर्वेदिक महाविद्यालय में ये दिवस एण्टी-रैगिंग सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित ब्र.कु. मंजू दीदी, आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. आर. चतुर्वेदी, डी.पी. लॉ कॉलेज के प्रोफेसर टी. आर. पटेल एवं प्रभाग के ध्रुव सर ने धन्वन्तरि देव की आरती और दीप प्रज्ज्वलन से किया।

इस अवसर पर ब्र.कु. मंजू दीदी ने आयुर्वेद महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सीनियरटी छोटों को मदद करने में है, उन्हें प्यार व सही मार्गदर्शन देकर आगे बढ़ाने में है न कि अपने अहं को बढ़ाने में। किसी को हाथ से मारना या प्रताड़ित करना तो गलत है ही लेकिन अपने शब्दों के माध्यम से भी किसी को दुख पहुंचाना भी गलत है। अपने कर्म से दुआएं कमाना सीखें। संगठन की शोभा इसी में है कि एक-दूसरे को सम्मान दें और दुआओं का पुण्य जमा करें। यदि छोटे भी अपना कर्तव्य सही तरह से नहीं करते, बड़ों का सम्मान नहीं करते तो वे भी बड़ों को दुख पहुंचाते हैं।

दीदी ने सभी को स्लोगन दिया कि अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो कि व्यर्थ के लिए समय ही न बचें। दीदी ने सभी को संकल्प कराया कि मन वचन कर्म से किसी को दुख न देंगे, न किसी से दुख लेंगे और सबको खुशी बांटने का प्रयास करेंगे।

प्रोफेसर टी. आर. पटेल ने कहा कि वरिष्ठ और कनिष्ठ के मध्य संबंध में नैतिकता की कमी होने से वह रैगिंग का रूप धारण कर लेता है। हम जिस महाविद्यालय में पढ़ते हैं वह हमारा परिवार हो जाता है। हमें अपने प्रति जो व्यवहार पसंद नहीं वो व्यवहार दूसरों से न करें। कानून का सिद्धान्त है कि तथ्य का भूल क्षम्य है लेकिन विधि की भूल क्षम्य नहीं है। अगर भूलकर भी हम नियम के विरूद्ध कोई कार्य करते हैं तो उसका दण्ड निश्चित है।

प्राचार्य डॉ. जी. आर. चतुर्वेदी ने सभी को बतलाया कि जिन छात्रों को रैगिंग से प्रताड़ित किया जा रहा है उनके लिए एन्टी रैगिंग के लिए सेल का गठन किया गया है जिसमें आप मुझे, मंजू दीदी को या अन्य किसी को जिनसे आप सहज हैं अपनी बात रख सकते हैं। या एक हेल्पलाइन नंबर 18001805522 भी जारी किया गया है। इसमें शिकायत करने वाले छात्र को गोपनीय रखते हुए समस्या का समाधान किया जाता है।

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