
45000 से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जायेंगे,नये शिक्षकों की भर्तियां न करनी पड़े इसलिए युक्तियुक्तकरण।
भाजपा का घर घर सिंदूर बाँटना महिलाओ का अपमान।
खाद बीज का अभूतपूर्व संकट,डीएपी के लिये भटक रहे हैं किसान, भाजपा सरकार किसानों के लिए डबल नहीं, ट्रबल इंजन साबित हो रही।
एंकरबस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर शहर के आकांक्षा हॉटल में जिला कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया, जिसे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के द्वारा संबोधित किया गया… पत्रकारों को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा युक्तियुक्त करण से 45000 से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जायेंगे। इसके कारण 10 हजार स्कूल भी बंद हो जायेंगे।शिक्षकों की नई भर्तियां न करनी पड़े इसलिए साय सरकार शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण कर रही है।सरकारी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने साय सरकार ने षड्यंत्र रचा है। साय सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ेगा। नए सेटअप में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एचएम को शिक्षकीय पद मानते हुए प्राइमरी में 30 और मिडिल में 35 बच्चों के बीच एक शिक्षा का सेटअप घोषित किया गया है। प्राथमिक शालाओं में पहली व दूसरी में तीन-तीन विषय एवं तीसरी, चौथी, पांचवी में चार-चार विषय के अनुसार कुल 18 विषय होते हैं, जिन्हें वर्तमान समय में तीन शिक्षकों को 40 मिनट का 6-6 कक्षा लेना होता है, अब युक्तियुक्तकरण के नए नियम के बाद दो ही शिक्षको के द्वारा 18 कक्षाओं को पढ़ाना कैसे संभव हो सकता है?मिडिल स्कूल में तीन क्लास और 6 सब्जेक्ट इस हिसाब से कुल 18 क्लास और 60 बच्चों की कुल संख्या में एचएम और उसके साथ केवल एकमात्र शिक्षक कैसे 18 क्लास ले पाएंगे?इसके अतिरिक्त मध्यान भोजन की व्यवस्था डाक का जवाब और अन्य गैर शिक्षकीय कार्यों की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर रहेगी।स्कूलों को जबरिया बंद किए जाने से न केवल शिक्षक बल्कि उन स्कूलों से संलग्न हजारों रसोईया, स्लीपर और मध्यान भोजन बनाने वाली महिला, स्व सहायता समूह की बहनों के समक्ष जीवन यापन का संकट उत्पन्न हो जाएगा। नए सेटअप के तहत सभी स्तर प्राइमरी, मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलो में शिक्षकों के न्यूनतम पदों में कटौती के चलते युवाओं के लिए नियमित शिक्षक के पद पर नई भर्ती के अवसर भी कम हो जाएंगे,

शिक्षा के स्तर पर बुरा असर पड़ना निश्चित है।इसके पहले भी रमन सरकार के समय भी 3000 स्कूलों को बंद किया गया था जिन्हे कांग्रेस की सरकार बनने के बाद फिर शुरु किया गया।भाजपा सरकार ने इतना बड़ा अव्यवहारिक निर्णय लेने से पहले ना प्रभावित वर्ग से चर्चा की, न ही प्रदेश के भविष्य के बारे में सोचा।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ही प्रदेश में 58000 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, हर महीने सैकड़ो शिक्षक रिटायर हो रहे हैं, कई वर्षों से शिक्षकों का प्रमोशन रुका हुआ है, राज्य मे भाजपा की सरकार बनने के बाद एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं हुई है।युक्तियुक्तकरण से युवाओं के शिक्षक बनने का सपना भी टूट जायेगा, कांग्रेस युक्तियुक्तकरण के विरोध मे चरण बद्ध आंदोलन चलाएगी जिसकी रूपरेखा पार्टी जल्द जारी करेगी। भाजपा का घर घर सिंदूर बाँटना महिलाओ का अपमान
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा भाजपा के द्वारा घर घर सिंदूर बाँटने का कार्यक्रम महिलाओ का अपमान है, हमारी संस्कृति के अनुसार किसी सुहागन को सिंदूर देने का अधिकार केवल उसके पति को होता है।एक महिला ज़ब सिंदूर लगाती है तो यह उसके माथे पर उसके सुहाग का प्रतीक होता है।महिलाये सिर्फ अपने पति के द्वारा दिए सिंदूर को ही लगाती है तथा ज़ब सिंदूर स्वंम भी खरीदती है तो अपने पति के नाम पर खरीदती है।भाजपा के इस कृत्य से सुहागन स्त्री के स्त्रीत्व और सतित्व को चुनौती देने का प्रयास है।कांग्रेस भाजपा के इस कृत्य का विरोध करती है। हम पूरे प्रदेश मे महिला कांग्रेस के माध्यम से सिंदूर माताओ बहनो का अपमान के विरोध में अभियान चलाएगी। सिंदूर के नाम पर हमारी माताओ बहनो बेटियों का मजाक मत बनाइये।
खाद बीज का अभूतपूर्व संकट,डीएपी के लिये भटक रहे हैं किसान, भाजपा सरकार किसानों के लिए डबल नहीं, ट्रबल इंजन साबित हो रह।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया मानसून की अग्रिम दस्तक शुरु हो गयी है खरीफ की बुवाई खाद और बीज की कमी के कारण प्रभावित हो रहा,भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों के लिए ट्रबल इंजन साबित हो रही है।मानसून केरल आ चुका है, पूरे प्रदेश में खरीफ फसल के बुवाई की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है, खुर्रा वाले किसान प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं, भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार के किसान विरोधी षडयंत्रों के चलते ही छत्तीसगढ़ नकली बीज, नकली दवा, नकली खाद और घटिया नैनो यूरिया को खपाने का अड्डा बन गया है। किसान संगठनों का आरोप है कि गुणवत्ताहीन खाद और बीज को खपाने के लिए ही यह सरकार सरकारी समिति और निजी दुकानों के लिए किसानों के वास्तविक डिमांड के अनुरूप खाद, बीज की आपूर्ति नहीं करवा रही है। समय पर खाद, बीज की उपलब्धता नहीं होने से किसान जमाखोरों, बिचौलियों और मिलावटखोरों के हाथों शोषित होने मजबूर हैं पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं।यह सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उपज ले सके। बोनी के समय सबसे ज्यादा आवश्यकता डीएपी खाद और बीज की ही होती है,लेकिन इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग की तरह है खरीफ फसल की बुआई का समय सर पर है लेकिन यह सरकार ना खाद के रेक की व्यवस्था कर पाई है,ना समुचित रूप से कही भंडारण की व्यवस्था है, छत्तीसगढ़ के किसानों की खाद के कुल आवश्यकता के मांग को केंद्र की मोदी सरकार ने खारिज करते हुए समुचित सप्लाई करने से मना कर दिया है,लेकिन दलीय चाटुकारिता में भाजपा के सांसद और प्रदेश की सरकार इस केंद सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ से भेदभाव और छत्तीसगढ़िया किसानों की उपेक्षा पर भी मौन है, सरकार एक सप्ताह के भीतर सभी सोसायटी मे पर्याप्त खाद बीज उपलब्ध नहीं कवाएगी तो कांग्रेस इसको ले कर बड़ा आंदोलन चलाएगी।
बाइटदीपक बैज, पीसीसी चीफ।
