
बिलासपुर।
सी.एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दिनांक 11 फरवरी 2026 को तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘ताल 2.0’ का शुभारंभ हर्षोल्लास एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रजनेश सिंह जी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बिलासपुर, प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष डॉ संजय दुबे जी, प्रशासकीय समिति सदस्य श्री अमन दुबे जी, बी.एड. प्राचार्या श्रीमती डॉ. अंजली चतुर्वेदी जी, प्राचार्य डॉ.संजय सिंह जी एवं श्रीमती श्रद्धा दुबे जी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय दुबे जी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि सन् 1956 में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के प्रसार के उद्देश्य से इस महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। आज यह महाविद्यालय लगभग 70 वर्ष पूर्ण कर चुका है और प्रदेश के प्रमुख महाविद्यालयों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में सभी वर्गों के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा उनकी सुविधाओं का पूर्ण ध्यान रखा जाता है। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सर्वांगीण विकास का अवसर प्रदान किया जाता है। हमारे महाविद्यालय के छात्राएं विश्वविद्यालय के प्रवेश सूची में स्थान हासिल करने के साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा एन सी सी एवं एन एस एस के माध्यम से जिला एवं प्रदेश स्तर पर महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हैं जो की बहुत ही गौरव की बात है।
मुख्य अतिथि रजनेश सिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी छात्राओं के अंदर ऊर्जा का भंडार है बस उसे ऊर्जा को एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इच्छा शक्ति स्थापित करते हुए आगे बढ़ाना है सफलता अवश्य मिलेगी उन्होंने संसाधनों को सफलता का साधन बताया है ना कि साध्य उन्होंने कहा जब तक आप में इच्छा शक्ति नहीं होगी आप आगे नहीं बढ़ सकते उन्होंने अनेक प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से बच्चों को सफलता के मार्ग में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया उन्होंने यह भी बताया कि इस महाविद्यालय के अनेक कार्यक्रमों में उपस्थित होने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ यहां के छात्राओं का अनुशासन और उनका उत्साह देखकर मुझे खुशी होती है यहां के छात्र-छात्राओं द्वारा पुलिस विभाग के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम जैसे नशा मुक्ति यातायात सुरक्षा आदि किए हैं साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन और सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं को आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता प्रदान करते है
प्रशासकीय समिति सदस्य श्री अमन दुबे जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सांस्कृतिक मंच विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों के हित के लिए महाविद्यालय की भावी योजनाओं की चर्चा करते हुए अनेक रोजगार उन्मुख विषयों को प्रारंभ करने की जानकारी दी साथ ही महाविद्यालय में कार्यरत युवाओं को आगे आकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया तथा महाविद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। सभी सम्माननीय अतिथियों ने मंच से छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रतिभा निकेतन द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से किया गया, तत्पश्चात प्रगति निकेतन द्वारा गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ी नृत्य, गरबा नृत्य, एकल एवं समूह नृत्य, नृत्य नाटिका सहित विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने करतल ध्वनि से सराहा।
आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंच संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. सुमेला चटर्जी एवं अमनदीप के द्वारा तथा सहायक के रूप में तनु सिंह, अरुण पटेल द्वारा किया गया तथा साक्षी, प्रेरणा, गीतांजलि, आकांक्षा, रिया, अन्नपूर्णा, भारती, नूतन, प्रियंशु, करिश्मा, भूमिका, तृप्ति, अदिति, मोना, वासुदेव, आयुषी, अक्षय, वंशिता, सलीम, सुमन, कल्पना, खुशबू, निकिता, गरिमा, दिनेश, तमन्ना, चंद्रशेखर, शुभा, कुबेर, देवकांत, कुणाल, मनोज, द्रौपदी, स्वर्णा, प्रतिभा, रुक्मिणी, ज्योति, हुलेश्वर, पंकज, निखिल सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने मनमोहक झांकियों के साथ अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में एनसीसी एवं एनएसएस इकाइयों का भी सक्रिय योगदान रहा।
उक्त समस्त कार्यक्रम बी.एड. प्राचार्य श्रीमती अंजलि चतुर्वेदी, प्रभारी श्री राजकुमार पांडा, अंकिता तिवारी, गुलाब पाठक, नीलू कश्यप, भारती विश्वकर्मा, तृप्ति पटेल, प्रशांत गुप्ता, सोनिल मिश्रा एवं मोनिका दत्त के मार्गदर्शन एवं देखरेख में संपन्न हुआ। महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
