राकेश मिश्रा की रिपोर्ट
बिलासपुर। देवांगन समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘माता परमेश्वरी महोत्सव’ का समापन अत्यंत भव्यता और भक्तिमय वातावरण में हुआ। नगर के नाग-नागिन स्थित देवांगन धर्मशाला में आयोजित इस महोत्सव में आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सहित कई प्रदेश स्तरीय विशिष्ट अतिथियों ने शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

महोत्सव का शुभारंभ माता परमेश्वरी की प्रतिमा के मंगल आगमन के साथ हुआ। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-ताशों और जयघोष के बीच प्रतिमा को धर्मशाला लाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से स्थापना की गई।

पूरा परिसर धूप-दीप की सुगंध और भक्तों के उत्साह से सराबोर रहा।पहले दिन आयोजित भव्य ‘माता का जगराता’ आकर्षण का केंद्र रहा। देवांगन समाज चिंगराजपारा के तत्वावधान में आयोजित भजन संध्या में स्थानीय एवं आमंत्रित कलाकारों ने माता की महिमा का गुणगान किया। श्रद्धालु पूरी रात भक्ति गीतों पर झूमते रहे।
दूसरे दिन निकाली गई बहुकलश शोभायात्रा ने नगरवासियों का मन मोह लिया। पुराना देवांगन भवन चिंगराजपारा से प्रारंभ होकर प्रभात चौक, उमरिया चौक और बत्रा चौक होते हुए यात्रा पुनः धर्मशाला पहुँची। सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर सहभागिता निभाई।

आकर्षक झांकियों ने देवांगन समाज की संस्कृति और माता परमेश्वरी के जीवन प्रसंगों को जीवंत किया। मार्ग में पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
समापन पर महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समाज पदाधिकारियों ने आयोजन की सफलता के लिए नगरवासियों, प्रशासन और स्वयंसेवकों के प्रति आभार जताया तथा इसे समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला आयोजन बताया।
