बिलासपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, बिलासपुर द्वारा अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 26 फरवरी 2026 को “राष्ट्रीय मांग दिवस” के अवसर पर लंच आवर प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि महासंघ का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 26 जनवरी 2026 तक शिरडी (महाराष्ट्र) में आयोजित हुआ था, जिसमें कर्मचारियों, श्रमिकों एवं पेंशनरों से जुड़े 20 प्रस्ताव पारित किए गए थे। इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर यह आंदोलन किया गया।

ज्ञापन में प्रमुख मांगों में सभी संविदा, आउटसोर्स एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, रिक्त पदों को नियमित आधार पर भरना, पीएफआरडीए एक्ट निरस्त कर एनपीएस/यूपीएस समाप्त करना तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करना शामिल है। इसके अलावा श्रम संहिताएं वापस लेने, निजीकरण पर रोक, 8वें वेतन आयोग की शर्तों की समीक्षा, हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन, 10% अंतरिम राहत, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति व अनिवार्य टीईटी आदेश वापस लेने, अनुच्छेद 310 व 311(2) के प्रावधान निरस्त करने, लंबित डीए/डीआर एरियर सहित जारी करने, सहकारी संघवाद की रक्षा तथा संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता बनाए रखने की मांग भी रखी गई।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर पाण्डेय, जिला संरक्षक आर.पी. शर्मा, जिला सचिव राजेश दुबे, कोटा अध्यक्ष रमाकांत कौशिक, बिल्हा अध्यक्ष विकास कुमार साहू, कमलाकांत शुक्ला, उपाध्यक्ष श्यामलाल बंजारे, जिला कार्यालय सचिव कौशल कौशिक, जिला उप सचिव चन्द्रकांत कश्यप, निरजा पटेल, मस्तूरी अध्यक्ष एस.डी. भारद्वाज, तखतपुर अध्यक्ष प्रमोद कुमार भारद्वाज, शुभम तिवारी, श्वेता द्विवेदी, सूर्यकांत कौशिक (भृत्य बालक सरकंडा) सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट…….राकेश मिश्रा
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