बिलासपुर, 30 जून 2025 — अनुसूचित जनजातियों को बुनियादी सुविधाएं और शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत चपोरा में आज विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 15 जून से जिले में चलाए जा रहे अभियान का अंतिम पड़ाव रहा।

शिविर के माध्यम से सैकड़ों ग्रामीणों को स्वास्थ्य, आयुष्मान, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका और पहचान संबंधी दस्तावेजों से जुड़े लाभ दिए गए।
प्रमुख उपलब्धियाँ:
25 आयुष्मान कार्ड और 02 वय वंदन कार्ड (70+ आयु वर्ग) जारी किए गए।
121 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, जिनमें 11 सिकलसेल रोगी की पहचान की गई।
02 निश्चय मित्र बनाए गए एवं 05 केस रेफर किए गए।

पशुधन विभाग द्वारा बकरी, मुर्गी और सूअर पालन के बारे में जानकारी दी गई और 85 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का समाधान स्थल पर ही किया गया। 03 जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र, 01 राशन कार्ड, 03 आधार कार्ड बनाए गए व 02 आधार सुधार कार्य संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच दीपमाला आर्मो ने की। मंच पर उपसरपंच गुलजार सिंह राजपूत, जनपद सदस्य दुर्गा हरिशंकर यादव, पंचगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

शिविर के प्रभारी आशीष सिंह दिवान (खाद्य निरीक्षक, कोटा) तथा सहायक अधिकारी दीपचंद खलखो एवं आर.के. मसराम (कार्यालय सहायक, आयुक्त आदिवासी विकास विभाग) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया। इस अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अब जनजातीय परिवारों के द्वार तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
