दो दिवसीय छत्तीसगढ़ संगीत नृत्य महोत्सव कल से
ओडिसी, कथक, कुचिपुड़ी सहित शास्त्रीय गायन एवं वादन की होगी प्रस्तुति
सुप्रसिद्ध ओडिसी गुरु डॉ. गजेन्द्र पंडा की नृत्य यात्रा के पचास वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण समारोह भी मनाया जाएगा

प्रदेश की प्रतिष्ठित साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था श्री साईनाथ फाउंडेशन, नृत्यधारा फाउंडेशन एवं एनई रेलवे इंस्टिट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में शहर के बुधवारी बाजार स्थित ऐतिहासिक एनई इंस्टिट्यूट ऑडिटोरियम में दिनांक 28 व 29 को प्रतिदिन सायं छः बजे से शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न विधाओं मसलन ओडिसी, कथक व कुचीपुड़ी के साथ-साथ बांसुरी वादन, संतूर वादन व शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायन आदि की रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी।
इस दो दिवसीय महोत्सव के कर्ताधर्ता लोकप्रिय युवा संस्कृति कर्मी व श्री साईनाथ फाउंडेशन के संस्थापक आशीष राज सिंघानिया एवं नृत्यधारा फाउंडेशन की संस्थापिका अन्तर्राष्ट्रीय ओडिसी साधिका आँचल पांडेय ने चर्चा में बताया कि बिलासपुर शहर में पहली बार आयोजित होने जा रहे छत्तीसगढ संगीत नृत्य महोत्सव में प्रस्तुति देने देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतरीन कलाकारों का आना हो रहा है, जो अपने हुनर से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देंगे। इस महोत्सव के अन्तर्गत विशेष प्रस्तुति के लिए कोलकाता से मशहूर नृत्य साधकद्वय अरुणिमा सेनगुप्ता व राजीव घोष, ओडिसी नृत्य हेतु बेंगलुरु से जी नागेश्वरी, बांसुरी वादन हेतु मुंबई से एस आकाश, संतूर वादन हेतु पुणे से निनाद दईथणकर, कुचिपुड़ी हेतु भिलाई से शर्मिष्ठा घोष, कथक हेतु रायपुर से डॉ. अनुराधा दुबे व कमला देवी संगीत महाविद्यालय, रायपुर से डॉ. आरती सिंह व समूह सहित स्वर्ण समारोह अन्तर्गत ओडिसी नृत्य की विशेष प्रस्तुति हेतु भुवनेश्वर से प्रभुतोष पंडा, मोक्षदा त्रिपाठी, ऋतिका बैनर्जी, प्रियांशा साहू व विधि सेनगुप्ता का आना हो रहा है।
आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने हेतु समिति के लोग दिनरात लगे हुए हैं व शहर सहित आसपास के संगीत-नृत्य प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होने की अपील भी की है.

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