
नशा और सड़क सुरक्षा साथ नहीं चल सकते — बीके मनु दीदी
13 जनवरी 2026 सीपत। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सीपत स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में नशा करके वाहन न चलाने को लेकर विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुख रूप से दिया गया कि नशे की अवस्था में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ की राजयोग शिक्षिका बीके मनु दीदी ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, समझ और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति नशे में होता है, तब उसकी एकाग्रता समाप्त हो जाती है और प्रतिक्रिया समय बढ़ जाता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। नशा करके वाहन चलाना जीवन के साथ खिलवाड़ है।
बीके मनु दीदी ने विद्यार्थियों को समझाया कि आज के समय में नशा केवल शराब तक सीमित नहीं है, बल्कि तंबाकू, गुटखा, नशीली दवाएँ और अन्य पदार्थ भी मानसिक संतुलन को बिगाड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कई युवा यह गलतफहमी रखते हैं कि थोड़ी मात्रा में नशा नुकसान नहीं करता, जबकि वास्तविकता यह है कि थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
दीदी ने विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की स्थिति में वाहन चलाने से दृष्टि, संतुलन और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में न केवल वाहन चालक, बल्कि सड़क पर चलने वाले पैदल यात्री, साइकिल सवार और अन्य वाहन चालक भी खतरे में पड़ जाते हैं। बीके मनु दीदी ने कहा कि नशा व्यक्ति को क्षणिक सुख देता है, लेकिन उसके परिणाम लंबे समय तक दुखद होते हैं। उन्होंने राजयोग ध्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि आंतरिक शांति और आत्मसंयम से ही नशे जैसी आदतों से दूर रहा जा सकता है।
विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार व समाज में भी नशा करके वाहन न चलाने का संदेश फैलाएँगे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नशा मुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए इस प्रकार की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
ईश्वरीय सेवा में,
बीके संतोषी
सीपत

