

बिलासपुर रेलवे स्टेशन की यातायात व्यवस्था के सशक्त प्रहरी बने नंबर टेकर, 30 वर्षों से दे रहे अनुकरणीय सेवाएं
बिलासपुर
रेलवे स्टेशन परिसर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा ऑटो चालकों के बीच आपसी समन्वय, भाईचारा और कौमी एकता की मिसाल कायम करने में नंबर टेकरों की भूमिका पिछले लगभग 30 वर्षों से महत्वपूर्ण रही है। जिला प्रशासन, रेल प्रशासन, पेट्रोल ऑटो संघ एवं ई-रिक्शा चालक संघ की सहमति और सहयोग से यह व्यवस्था निरंतर संचालित हो रही है।
रेलवे स्टेशन परिसर में प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में ऑटो एवं ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित रखने के लिए ऑटो चालकों के मध्य से ही नंबर टेकर नियुक्त किए जाते हैं, जो वाहनों को क्रमवार (सीरियल वाइज) नंबर लगाकर संचालित कराते हैं। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलती है, बल्कि चालकों के बीच अनावश्यक विवाद और प्रतिस्पर्धा की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होती।
नंबर टेकर केवल यातायात व्यवस्था तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ऑटो चालकों के बीच उत्पन्न होने वाले छोटे-बड़े विवादों को आपसी समझाइश और संवाद के माध्यम से सुलझाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्षों से उनकी मध्यस्थता के कारण स्टेशन परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना हुआ है तथा चालकों के बीच एकता और भाईचारे की भावना मजबूत हुई है।
रेलवे स्टेशन परिसर में यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना, दुर्घटना अथवा अन्य समस्या उत्पन्न होती है, तो नंबर टेकर तत्काल रेल प्रशासन एवं जिला प्रशासन को सूचना देकर आवश्यक सहयोग प्रदान करते हैं। इस कारण प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।
जिला ऑटो संघ की सहमति से संचालित इस व्यवस्था के अंतर्गत क्रमवार नंबर लगाकर वाहन चलाने वाले चालक स्वेच्छा से ₹20 के रूप में सेवा शुल्क प्रदान करते हैं। इसी राशि से नंबर टेकरों की आजीविका चलती है और वे पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं देते रहते हैं। यह व्यवस्था किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि स्टेशन परिसर में अनुशासन, सुचारू यातायात और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती है।
स्थानीय ऑटो चालकों का कहना है कि नंबर टेकरों की वजह से स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनी रहती है, सभी चालकों को समान अवसर मिलता है और यात्रियों को भी बिना किसी परेशानी के वाहन उपलब्ध हो जाते हैं। यही कारण है कि पिछले तीन दशकों से यह व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन में नंबर टेकरों द्वारा दी जा रही यह सेवा सामाजिक समर्पण, अनुशासन और सामुदायिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अन्य स्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।


