“मां-बाप के संस्कार नहीं, बाहरी हवा बच्चों के संस्कार बिगाड़ रही है—यह कड़वा सत्य है” — श्याम गुप्ता

“बच्चों की परवरिश में परिवार के साथ बदलते सामाजिक माहौल पर भी नजर रखना जरूरी” — प्रेस रिपोर्टर क्लब प्रदेश सचिव

रायगढ़। प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने आज के बदलते सामाजिक परिवेश में बच्चों के संस्कार और उनके भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने में कोई कमी नहीं रखते, लेकिन बदलता सामाजिक माहौल, संगति और बाहरी प्रभाव बच्चों के व्यवहार और सोच को प्रभावित कर रहे हैं।

श्याम गुप्ता ने कहा कि “माता-पिता के संस्कार कमजोर नहीं हुए हैं, बल्कि बच्चों तक पहुंचने वाली बाहरी हवा तेजी से बदल गई है। यही आज का कड़वा सत्य है।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को केवल सुविधाएं देने के बजाय उनके साथ पर्याप्त समय बिताएं, उनकी बातें सुनें और उनके मित्रों, गतिविधियों तथा डिजिटल दुनिया में उनकी रुचियों को समझें।

उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि परिवार में संवाद, अनुशासन, प्रेम और अच्छे संस्कार का वातावरण बना रहे तो बच्चे बाहरी नकारात्मक प्रभावों का सामना अधिक मजबूती से कर सकते हैं।

श्याम गुप्ता ने कहा कि बच्चों को डांटने से ज्यादा जरूरी है उन्हें समझना, समय देना और सही-गलत का अंतर समझाना। आज माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की दूरी कम करना ही सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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