
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मॉर्निंग वॉक के दौरान बाइक सवार बदमाशों द्वारा मोबाइल लूट की घटना ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। खास बात यह है कि यह वारदात उस समय हुई, जब देश के गृह मंत्री प्रदेश दौरे पर मौजूद हैं। घटना के बाद भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
धरमलाल कौशिक के साथ मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई मोबाइल लूट की घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। घटना ने यह संदेश दिया है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि जिस समय देश के गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर मौजूद हैं, उसी दौरान इस तरह की वारदात होना पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। प्रदेश सरकार लगातार कानून व्यवस्था को बेहतर बताने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई दे रही है। चोरी, लूट, चाकूबाजी और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता में भय का माहौल है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में लगातार हो रही वारदातों के बावजूद अपराधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपराध नियंत्रण के बजाय केवल प्रचार और बयानबाजी तक सीमित है। यदि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तक अपराधियों के निशाने पर हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। जनता की मांग है कि इस मामले में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार और पुलिस प्रशासन को कानून व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि लोगों का भरोसा सुरक्षा व्यवस्था पर कायम रह सके।
