**लवन तहसील के ग्राम तुरमा में खनिज विभाग की मिलीभगत से अभी भी बदस्तूर जारी है रेत का अवैध उत्खनन एवम भण्डारण **
बालोदबाज़ार के लवन तहसील के ग्राम तुरमा में खनिज विभाग की मिलीभगत से अभी भी रेत का अवैध खनन एवम भण्डारण बदस्तूर जारी हैं।रेत माफियाओं द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर रेत का अवैध उत्खनन कर विक्रय एवम भण्डारण किया जा रहा है।इन लोगो द्वारा सेकड़ो ट्रैक्टर रेत का अवैध भण्डारण किया जा चुका हैं ताकि ये उसे बाद में महँगे दामो पर बेच सके।ज्ञात हो कि इस संबंध में पूर्व में ग्राम पंचायत के पदाधिकारी एवम ग्रामीणों द्वारा लिखित में कलेक्टर एवम खनिज विभाग को शिकायत की गई थी।मिडिया ने भी इस संबंध में प्रमुखता से खबरे प्रकाशित की थी किंतु खनिज विभाग ने मामले को रफा दफ़ा कर दिया।खनिज विभाग की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है तथा पिछले दिनों उन्होंने इस संबंध में मंत्री से भी लिखित शिकायत की है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने यदि अवैध खनन एवम भण्डारण पर कड़ी कार्यवाही नहीं की तो वे रायपुर जाकर उच्चाधिकारियों से इनकी लिखित शिकायत करेंगे।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।