





उरतुम में ईंट भट्टा संचालक की दबंगई, सरकारी जमीन पर कब्जे और प्रदूषण से ग्रामीण त्रस्त
बिलासपुर : जिले के ग्राम पंचायत उरतुम में इन दिनों एक ईंट भट्टा संचालक के तानाशाही रवैये और अवैध कब्जे ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। आरोप है कि ईंट भट्टा संचालक रविंद्र सिंह अपनी निजी भूमि की आड़ में आसपास की कीमती सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से कब्जा जमा रहा है, जिससे न केवल गांव का नक्शा बिगड़ रहा है बल्कि पीड़ित परिवारों का हक भी छीना जा रहा है। ईंट निर्माण के नाम पर यहाँ भारी मात्रा में राखड़ (फ्लाई ऐश) का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है, जिससे उड़ने वाली जहरीली धूल ने पर्यावरण को पूरी तरह दूषित कर दिया है। इस प्रदूषण के कारण पास में रहने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी संचालक के हौसले बुलंद कर रही है। पीड़ित ग्रामीण धनीराम खरे का कहना है कि जिस जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, उसका पट्टा उनके परिवार के नाम पर है, इसके बावजूद संचालक ने दबंगई दिखाते हुए जमीन खाली करने से साफ़ मना कर दिया है और विरोध करने पर पीड़ित परिवार को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। इस अन्याय के खिलाफ अब पूरा गांव लामबंद हो चुका है; ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि संचालक न केवल सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है बल्कि ग्रामीणों के संवैधानिक अधिकारों का भी हनन कर रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि तत्काल इस अवैध कब्जे को जमींदोज किया जाए और प्रदूषण फैलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वाले संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और गांव को इस ‘राखड़’ के आतंक से मुक्ति मिले…..





