श्री गुरु सिंघ सभा गुरुद्वारा दयालबंद के मुख्य सेवादार (अध्यक्ष) की सेवा सभी सदस्यों की सहमति से स.मनदीप सिंघ गंभीर को सत्र 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक के लिए निर्वाचित होये है चुनाव संचालक स.सुरजीत सिंह सलूजा स. गुरभेज सिंघ छाबडा स.अवतार सिंह टुटेजा ने निर्विरोध निर्वाचन की कॉपी गुरुद्वारा कमेटी के वर्तमान प्रधान स.नरेन्द्र पाल सिंह गांधी को सौपी जिसे आज सुबह के दीवान में समूह सात संगत के सामने मनदीप सिंघ गंभीर के प्रधान बनने की घोषणा की इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान स.नरेन्द्र पाल सिंह गांधी सुरजीत सिंघ सलूजा जोगेंदर सिंघ गंभीर अवतार सिंह टुटेजा गुरभेज सिंघ छाबड़ा महेन्द्र सिंह गंभीर अमरजीत सिंघ दुआ त्रिलोचन सिंघ अरोरा जगमोहन सिंघ अरोरा परमजीत सिंह सलूजा हरजीत सिंह सलूजा जोगेंदर सिंघ सलूजा अनिल सिंह सलूजा सुरेंदर सिंघ छाबडा हरदीप सिंह छाबडा अमरजीत सिंह छाबडा जसपाल सिंह छाबडा अमोलक सिंघ टुटेजा नरेन्द्र सिंह सलूजा देवेन्द्र टुटेजा राजेन्द्र टुटेजा तविन्दर पाल सिंह अरोरा अमरजीत सिंघ टुटेजा चरनजीत सिंघ गंभीर राजा गंभीर राजविंदर सिंघ गंभीर कमलदीप सिंघ अरोरा सुमितपाल सिंग सलूजा जसवीर सिंह गांधी अजीत सिंह सलूजा नरेंद्र पाल सिंह होरा अंशु अजमानी मंजीत सिंघ गंभीर गुरभेज सिंघ चावला राम मक्कड़ सतिन्दर सिंघ गांधी गुरचरण सिंघ राजपाल विशु अजमानी और सभी सात संगत ने नये प्रधान मनदीप सिंघ को बधाई और शुभकामनाये दी

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।