** धारदार हथियार लहराकर आने जाने वालों को भयभीत करने वाले 2 आरोपी सरकंडा पुलिस की गिरफ्त में।

** आरोपियों के कब्जे से 2 नग धारदार चाकू किया गया जप्त। आरोपियों को गिरफतार कर न्यायालय किया गया पेश।

नाम आरोपी –

  1. दुर्गेश सूर्यवंशी पिता दुर्योधन सूर्यवंशी उम्र 19 वर्ष निवासी प्रभात चौक चिंगराजपारा थाना-सरकंडा जिला बिलासपुर (छ०ग०)
  2. विष्णु ध्रुव पिता गणेश राम ध्रुव उम्र 37 वर्ष निवासी देवरीडीह थाना तोरवा 02 जिला-बिलासपुर (छ०ग०)

पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव एवं होली पर्व के परिप्रेक्ष्य में थाना क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले बदमाशों के विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है. जिसके पालन में क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग एवं भ्रमण की जा रही है कि 19.03.2024 को टाउन भ्रमण दौरान मुखबीर से सूचना मिला कि प्रभात चौक चिंगराजपारा में एक व्यक्ति धारदार चाकू रखा है एवं आने जाने वाले लोगों को डरा धमका रहा है,प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक थाना प्रभारी सरकण्डा रोशन आहुजा के दिशा निर्देशन एवं निरीक्षक तोप सिंह नवरंग के मार्गदर्शन में तत्काल टीम मौके पर भेजा गया जहां आरोपी दुर्गेश सूर्यवंशी को घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसके कब्जे से । धारदार चाकू जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत् कार्यवाही किया गया।

इसी प्रकार आज दिनाक 20.03.2024 को दौरान पेट्रोलिंग के छठघाट के पास एक व्यक्ति धारदार चाकू लहराते एवं आने-जाने वाले लोगों को डरा धमका रहा था, जिसकी सूचना मिलने पर तत्काल पेट्रोलिंग पार्टी द्वारा घेराबंदी कर एक व्यक्ति को पकड़ा गया जिसके कब्जे से 1 नग धारदार चाकू बरामद किया गया, नाम पता पूछने पर अपना नाम विष्णु ध्रुव पिता गणेश राम ध्रुव उम्र 37 वर्ष निवासी देवरीडीह थाना तोरवा का बताया जिसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की गई है।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।