रिपोर्ट..राकेश मिश्रा 23.06.2026
बिलासपुर..प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत केवल बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन वितरण की व्यवस्था लागू किए जाने का राशन दुकानदारों एवं हितग्राहियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष रवि परयानी ने कहा कि सरकार को बायोमेट्रिक के साथ-साथ मोबाइल ओटीपी आधारित सत्यापन का विकल्प भी उपलब्ध कराना चाहिए। रवि परयानी ने कहा कि आज बैंकिंग व्यवस्था में खाते से राशि निकालने, गैस सिलेंडर वितरण सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाओं में ओटीपी के माध्यम से पहचान सत्यापित कर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। ऐसे में राशन वितरण जैसी जनकल्याणकारी योजना में ओटीपी विकल्प को समाप्त करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर, किसान एवं श्रमिक वर्ग के लोग हैं जिनकी उंगलियों के निशान लगातार मेहनत-मजदूरी करने के कारण स्पष्ट नहीं रहते। कई बार मशीनों में फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने से पात्र हितग्राही राशन प्राप्त करने से वंचित हो जाते हैं। वृद्धजन, दिव्यांग एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को भी बायोमेट्रिक सत्यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संघ का कहना है कि यदि आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर पहचान सत्यापित करने की सुविधा उपलब्ध रहे तो पात्र हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी और राशन वितरण व्यवस्था अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनेगी। रवि परयानी ने राज्य सरकार एवं खाद्य विभाग से मांग की है कि बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली को वैकल्पिक रूप से जारी रखा जाए, ताकि किसी भी पात्र परिवार को तकनीकी कारणों से खाद्यान्न से वंचित न होना पड़े।
