टिकरापारा–राजकिशोर नगर, बिलासपुर में ब्रह्माकुमारीज़ के “ईको केयर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट” अभियान का आयोजन
आदरणीय बीके मंजू दीदी जी के सानिध्य में प्रो. ओंकार चंद शर्मा ने विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय से सुरक्षित एवं संस्कारवान समाज निर्माण का दिया संदेश

बिलासपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के टिकरापारा–राजकिशोर नगर, बिलासपुर सेवा केंद्र में आदरणीय बीके मंजू दीदी जी के सानिध्य में ब्रह्माकुमारीज़ के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स एवं आर्किटेक्ट्स (SEA) विंग द्वारा संचालित राष्ट्रीय “ईको केयर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट” अभियान के अंतर्गत एक प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन, माउंट आबू से पधारे प्रख्यात इंजीनियर, राजयोगी, लेखक, संपादक एवं प्रेरक वक्ता प्रो. ओंकार चंद शर्मा थे। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण और प्राकृतिक आपदाएँ पूरी मानवता के सामने बड़ी चुनौती हैं। इन चुनौतियों का स्थायी समाधान केवल आधुनिक विज्ञान से ही नहीं, बल्कि विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय से संभव है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को मानसिक रूप से सशक्त बनाता है, जिससे वह विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, सकारात्मक सोच और सही निर्णय लेने में सक्षम होता है।
प्रो. शर्मा ने बताया कि उन्होंने एनआईटी कुरुक्षेत्र से बी.टेक. तथा एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ से एम.टेक. की शिक्षा प्राप्त की। लगभग 11 वर्षों तक इंजीनियरिंग संस्थानों में अध्यापन करने के बाद वर्ष 2014 में एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष जैसे प्रतिष्ठित पद का त्याग कर अपना संपूर्ण जीवन मानव कल्याण और ईश्वरीय सेवा को समर्पित कर दिया। वे देशभर में 700 से अधिक प्रेरक व्याख्यान तथा 50 से अधिक हैप्पीनेस एवं मेडिटेशन शिविर आयोजित कर चुके हैं। संसद भवन सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में उनके प्रेरणादायी विचारों ने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नई चेतना जगाई है।
कार्यक्रम में श्री गुरु नानक शिक्षण समिति के कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय श्री राजेंद्र सिंह चावला जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, श्रेष्ठ संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रसेवा की भावना का विकास करना है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चलाए जा रहे ईको केयर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट अभियान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से नशामुक्त, पर्यावरण-संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
नेशनल इंग्लिश मीडियम स्कूल, दयालबंद, बिलासपुर की प्राचार्या आदरणीया श्रीमती रश्मि सीरिया जी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन, सकारात्मक सोच, नैतिक शिक्षा तथा आपदा प्रबंधन की जानकारी आज के समय की आवश्यकता है और इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं मानवीय मूल्यों का विकास होता है।
आदरणीय बीके मंजू दीदी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि प्रकृति की सुरक्षा और मानवता की सेवा एक-दूसरे के पूरक हैं। जब मनुष्य अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों, आत्मजागृति और राजयोग मेडिटेशन को अपनाता है, तब वह स्वयं, समाज और प्रकृति—तीनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बेहतर ढंग से कर सकता है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण, आपदा जागरूकता और मूल्यनिष्ठ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने “प्रकृति का ख्याल रखें – आपदा के लिए तैयार रहें” का सामूहिक संकल्प लिया तथा सुरक्षित, स्वच्छ, हरित एवं संस्कारवान भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संदेश दिया। अंत में विद्यालय प्रबंधन एवं ब्रह्माकुमारीज़ परिवार द्वारा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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