




ब्रम्ह वनिताऐ,परशु सेना की बहनों ने, वंदे मातरम् मित्र मंडल की बहनों के साथ स्थानीय एक होटल में, एक बैठक का आयोजन कर समाज में, फैल रही विसंगतियों को दूर करने हेतु, एक परिचर्चा रखा।
जल संरक्षण पर्यावरण को महिलाऐं, अपने स्तर पर कैसे संवार सकती है, सभी ने अपना विचार ब्यक्त किया
उपाध्यक्ष अर्चना तिवारी, संरक्षिका मीनू दुबे ने घर के निस्तारण के लिए जो जल है, उसे पौधे तक पंहुचा कर
जल संरक्षण करें, इस पर अपने विचार रखे, डा रश्मि लता मिश्रा, संजना मिश्रा ने घर के आस पास आक्सीजन के पौधे लगा कर संरक्षित करने पर विचार ब्यक्त किया।
संस्था की संस्थापक, डा शोभा त्रिपाठी स्वयं ही बीजों से पौधे तैयार कर वितरित करती है।
सहभागी रहीं, वंदे मातरम् मित्र मंडल की सदस्य गण पूर्णिमा पिल्लै, क्षमा सिंह, श्वेता शुक्ला, आदि ने धर्म परिवर्तन की अभिलाना करते हुए सनातन धर्म को मान्यता दी एवं संस्कार पाठशाला के अंतर्गत सभी बहनों के बीच में यह विचार रखा कि हम जब भी किसी ऐसे प्रोग्राम में शामिल होते हैं जहां पर की ज्यादा से ज्यादा विभिन्न धर्म सुधार में संप्रदाय के लोग हो तो हमें सभ्यता संस्कृति को बढ़ावा देते हुए धार्मिक परंपरा अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए
संस्था की बहनें, आरती, द्विवेदी, ममता त्रिपाठी, मंजू मिश्रा पुष्पा शुक्ला संध्या पांडे, अनुपम शुक्ल, साधना दुबे ममता मिश्रा सुषमा पांडे शशि तिवारी रंजना उपाध्याय अर्चना शुक्ला निधि तिवारी शशि प्रभा पांडे आदि सभी समाज की
सभी बहनों ने जल संरक्षण अपने घर से ही करने का संकल्प लिया।
थोडी हरियाली, हर घर में हो। इस बात को अपने घरों से ही प्रारंभ करने का संकल्प लिया।।





