बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर द्वारा सिख समाज के दसवें गुरू गोविन्द जी के पुत्रों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह जी की शहादत की स्मृति में वीर बाल दिवस पर लखीराम अग्रवाल आडिटोरियम बिलासपुर में कार्यक्रम आयोजित कर साहिबजादो को शत्-शत् नमन करते हुए उनकी फिल्म बड़ी स्क्रीन के माध्यम से दिखाई गई।


कार्यक्रम के मुख्यवक्ता अरूण साव उपमुख्यमंत्री ने गुरूगोविंद सिंह जी के परिवार के बलिदान और उनके सुपुत्रो के शहादत को याद कर उन्हें सादर नमन किया और कहा कि हिन्दू धर्म की रक्षा और देश को आजादी दिलाने में सिख बंधुओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने गुरूगोविंद सिंह जी के साहिबजादो बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह बहादुर सिंह की शहादत को याद करते हुए कहा कि छः वर्ष और आठ वर्ष की अल्प आयु में इन बालको को मुगलो द्वारा यातनाएं दी गई। उन्हे डराया और धमकाया गया, इसके बावजूद वे अपने धर्म पर अडिग रहे। अपने धर्म की रक्षा के लिए इन दोनों ने शहादत को स्वीकार किया। यह हमें प्रेरणा देता है कि कैसे हम अपने देश की रक्षा और धर्म के प्रति अडिग रहें। उन्होने कहा कि सिख समाज का इतिहास ऐसी ही कुर्बानियों से गौरान्वित बना हुआ है। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने ऐसे बहादुर बच्चों की शहादत के पुण्य स्मरण के लिए हर वर्ष वीर बाल दिवस मनाने की पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्हांने बताया कि पिछले वर्ष प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री ने हर वर्ष 26 दिसम्बर को बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह बहादुर सिंह की शहादत को याद करने के लिए वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।


श्री गुरू सिंह सभा गुरूद्वारा दयालबंद के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मान सिंह ने साहिबजादो की शहादत पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि शत् शत् नमन् है गुरू गोविंद सिंह जी के साहिबजादों को जिन्होंने धर्म के लिए खुद को बलिदान कर दिया, लेकिन बर्बर मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रस्तावना रखते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत ने साहिबजादो की शहादत को नमन करते हुए कहा कि गुरू गोविंद सिंह जी के परिवार की बलिदानी मातृभूमि और अपने धर्म के प्रति सच्ची शहादत की याद दिलाता है।


इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, कार्यक्रम के जिला संयोजक अमरजीत सिंह दुआ, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजा पाण्डेय, हर्षिता पाण्डेय, जिला महामंत्री घनश्याम कौशिक, मोहित जायसवाल, जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि, अशोक विधानी, सुरेन्द्र गुम्बर, पूजा विधानी, लवकुश कश्यप, रूक्मणी कौशिक, तिलक साहू, अवधेश अग्रवाल, रामू साहू, सुधा गुप्ता, निखिल केशरवानी, जयश्री चौकसे, चंद्रप्रकाश सूर्या, दुर्गा प्रसाद कश्यप, गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा के अध्यक्ष नरेन्द्रपाल सिंह गांधी, मंदीप सिंह गंभीर, सोनू गांधी, परविंदरपाल अरोरा, परजीत कौर गुम्बर, शशि आहूजा, दलजीत कौर सलूजा, मनप्रीत कौर, रविन्दर कौर गंभीर, प्रिंसीकौर गंभीर, अंजली सलूजा, श्रद्धा कौर खंडुजा, हरविंदर कौर, जसमीत कौर, अजीत सिंह भोगल, चंद्रप्रकाश मिश्रा, जुगल अग्रवाल, निर्मल कुमार जीवनानी, अरविंद बोलर, सोमेश तिवारी, बलराम देवांगन, महाराज सिंह नायक, दयाशंकर तिवारी, विक्रम सिंह, दीपक सिंह, प्रकाश यादव, मनीष अग्रवाल, दाउ शुक्ला, राजेश मिश्रा, मनोज मिश्रा, विष्णु सोनी, दुर्गेश पाण्डेय, आशीष पटेल, अंकित गुप्ता, महर्षि बाजपेयी, कन्हैया यादव, सुब्रत दत्ता, स्नेहलता शर्मा, विभा गौरहा, संध्या सिंह, सीमा पाण्डेय, उमेश यादव, सुलेश पाण्डेय, सतीश गुप्ता, प्रकाश यादव, डीके साहू एवं भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता सहित सिख समाज के स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।