देश में आम चुनाव के लिए बिगुल फूंक चूका है तो वहीं अब राजनीतिक दल भी इसे लेकर तैयारियां को अंतिम रूप दे रहे हैं हालांकि भाजपा ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है तो वही आप आम चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक पार्टियों तेजी से अब चुनावी प्रचार में जुड़ जाएगी

इसी कड़ी मेंशनिवार को  भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव के तारीखों का ऐलान कर दिया देशभर में सात चरणों में आम चुनाव संपन्न कराए जाएंगे इसके साथ ही चार राज्यों के विधानसभा चुनाव और 26 विधानसभा के बाय इलेक्शन भी संपन्न होंगे ।सात चरणों में संपन्न होने वाले चुनाव की प्रक्रिया 28 मार्च से शुरू हो रही है तो वही पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल से शुरू होगा जो 1 जून को मतदान की प्रक्रिया के साथ समाप्त होगी जबकि सभी सात चरणों की मतगणना 4 जून को होगी।

छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव संपन्न होंगे 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और 7 मई को छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा।11 सीटों वाले छत्तीसगढ़ लोकसभा में प्रथम चरण में बस्तर तो वहीं द्वितीय चरण में कांकेर महासमुंद और राजनांदगांव के लोकसभा के लिए मतदान होगा जबकि बाकी बचे 7 सीट बिलासपुर रायपुर कोरबा सरगुजा रायगढ़ जांजगीर चांपा और दुर्ग के लिए 7 मई को मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

प्रथम चरण में 102, द्वितीय चरण में 89 तृतीय चरण में 94, चौथे चरण में 96 पांचवें चरण में 49 छठवें चरण में 57 और सातवें चरण में 57 सीटों के लिए मतदान होगा तो वही इस बार कुल 96 करोड़ 88 लाख वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे जिसमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है तो वही इस बार नए वोटर भी डेढ़ करोड़ के लगभग शामिल हो रहे हैं जो निश्चित ही लोकतंत्र के इस माह पर्व को बेहतर बनाएगा

इसके लिए 55 लाख ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा और इसके लिए साढ़े दस लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इसके अलावा डेढ़ करोड़ सुरक्षाकर्मी के साथ 2100 पर्यवेक्षक की नियुक्ति भी की गई है वही हर जिलों में कंट्रोल रूम के साथ हर पोलिंग स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रथम चरण के लिए 18 मार्च से  चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।लोकसभा चुनाव के साथ ही चार राज्यों के विधानसभा चुनाव भी संपन्न होंगे ।

सिक्किम, उड़ीसा ,अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को मतदान होगा तो वही आंध्र प्रदेश में 13 मई को जबकि उड़ीसा में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे 13 मई 18 मई और 25 मई को यहां मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी

तो वहीं इन सभी विधानसभाओं में 4 जून को मतगणना होगी इसके साथ ही इस बार चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और सुरक्षा के साथ चुनाव संपन्न करने के लिए तैयारी पूरी कर ली है

। इसके लिए कलेक्टर और एसपी से चुनाव की तैयारी को लेकर बारीकी से ज्याजा लिया गयाहै। इसके अलावा चुनाव में पैसे के लेनदेन को रोकने के लिए कैश ट्रांजैक्शन पर प्रतिदिन बैंकों को चुनाव आयोग को डिटेल देना होगा इसके अलावा क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को टिकट देने पर राजनीतिक पार्टियों को यह बताना होगा कि उन्होंने उन्हें टिकट किस उद्देश्य के साथ दिया है

चुनाव आयोग की मंशा है कि चुनाव को व्यवस्था पूर्ण संपन्न कराया जा सके इसके लिए उन्होंने मतदाताओं से अपील भी की है कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने घरों से बाहर निकले और मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।