उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज करतला विकासखंड के ग्राम मदवानी-कछार-तराईमार-कुदमुरा मार्ग में छिंदई नदी में 17 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से बने उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवनिर्मित पुल के लोकार्पण पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से विकास के नए द्वार खुल गए हैं। वर्षों से इस नदी में पुल की मांग थी जो अब पूरी हो गई है। इससे आसपास के अनेक गाँव जुड़ गए हैं। एक-दूसरे से सम्पर्क भी बढ़ेगा। यह पुल आवागमन का पुल होने के साथ ही विकास का भी पुल है। श्री साव ने क्षेत्रवासियों की मांग पर मदवानी-कुदमुरा मार्ग के चौड़ीकरण, रामपुर-बेहरचुआ-नोनदरहा मार्ग में पक्की सड़क के निर्माण और मदवानी पंचायत में आवश्यकतानुसार हैण्डपंप लगाने का कार्य जल्द शुरू कराने की बात कही। पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय भी लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने छिंदई नदी में पुल के लोकार्पण समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश को लगातार विकास की राह पर ले जा रहे हैं। वे गरीबी में पले-बढ़े हैं, इसलिए गरीबों के हित में योजनाएं बनाकर उनका कल्याण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश को सशक्त बनाया है। उनकी अगुवाई में भारत हर क्षेत्र में शक्तिशाली एवं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुआ है। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में प्रधानमंत्री श्री मोदी की शत-प्रतिशत गारंटी पूरी हो रही है। प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ ही विकास कार्य प्रारंभ हो गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों के लिए 18 लाख पक्के मकान के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसम्बर को किसानों को धान के दो साल का बकाया बोनस का भुगतान किया गया। इससे 12 लाख से अधिक किसानों को 3716 करोड़ रुपए मिले।

श्री साव ने कहा कि खरीफ वर्ष 2023-24 में किसानों से उनकी उपज का 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इसकी अंतर की राशि हाल ही में 12 मार्च को राज्य के 24 लाख 72 हजार किसानों के खातों में कुल 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित कर दी गई है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख 12 हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में पहली किश्त की राशि के रूप में एक-एक हजार रुपए दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्राहको से 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता की खरीदी की जाएगी। साथ ही उन्हें चरण पादुका एवं अन्य योजनाओं का भी लाभ दिया जाएगा।

पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडेय ने नए पुल के निर्माण पर स्थानीय लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से आसपास के अनेक गांवों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी जिससे क्षेत्र में विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर विकास कार्य में जुटी हुई है। आगे भी विकास के ये काम जारी रहेंगे। कोरबा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत के सीईओ श्री संबित मिश्रा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक बड़ी संख्या में लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।