जिले के खनिज अमले द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न माध्यमों से शिकायत/सूचना प्राप्त होने पर 15 एवं 16 जनवरी को खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन करते पाये जाने पर कार्रवाई की गई। कोटा क्षेत्र अंतर्गत सल्का नवागांव एवं आस-पास के क्षेत्रों में जांच के दौरान अवैध उत्खनन एवं परिवहन कर रहे 05 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई। सल्का नवागांव क्षेत्र में शिकायत/सूचना प्राप्त होने पर जांच के दौरान पाया गया कि खनिज रेत एवं मिट्टी मुरूम का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है।

अवैध तरीके से खनिज मिट्टी/मुरूम का उत्खनन कर परिवहन करते पाये जाने पर प्रकरण दर्ज कर 1 जेसीबी मशीन जप्त कर थाना कोटा की अभिरक्षा में रखा गया है एवं 01 हाईवा को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्त कर थाना सिरगिट्टी की अभिरक्षा में रखा गया है तथा 03 ट्रेक्टर खनिज रेत के अवैध परिवहन करते वाहनों को जप्त कर 02 ट्रेक्टर थाना कोनी की अभिरक्षा एवं 01 ट्रेक्टर खनिज बैरियर कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। जप्त खनिजमय वाहनों पर खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। खनिज अमला द्वारा खनिजों के उत्खनन/परिवहन हेतु प्रतिबंधित क्षेत्रों के साथ सभी क्षेत्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। उक्त क्षेत्र से यदि अवैध खनिजों का उत्खनन/परिवहन के मामले दर्ज होने पर पुनः एफआईआर अथवा न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया जाएगा।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।