‘‘ यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता !

सीसीटीवी कैमरे की मदद से की जा रही है स्टेशनों पर सुरक्षा की निगरानी |

मंडल रेल प्रशासन यात्रियों को बेहतर यात्री सुविधाएं तथा सुरक्षा के साथ बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है । मंडल के अंतर्गत अवस्थित स्टेशनों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री एक स्थान से दूसरे स्थानों के लिए यात्रा करते हैं । यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रेल सुरक्षा बल एवं जीआरपी के ऊपर रहती है | स्टेशन के सूक्ष्म से सूक्ष्म गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं जिनकी मदद से रेलवे परिसरों की बेहतर संरक्षा औए सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है | सीसीटीवी की मदद से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट के कंट्रोल रूम से स्टेशनों के सभी गतिविधियों व सुरक्षा की निगरानी 24 घंटे की जा रही है | यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा आपराधिक एवं संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के क्रम में निर्भया फंड के तहत मंडल के 09 स्टेशनों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं | जिसमें रायगढ स्टेशन में 32, पेण्ड्रारोड स्टेशन में 16, अनुपपुर स्टेशन में 32 एवं शहडोल स्टेशन में 16 सहित 04 स्टेशनों में सीसीटीव्ही कैमरे स्थापित किये जा चुके हैं |

शेष 05 स्टेशनों जिसमें अम्बिकापुर स्टेशन में 14, कोरबा स्टेशन में 12, अकलतरा स्टेशन में 12, उमरिया स्टेशन में 15 एवं चॉंपा स्टेशन में 23 सीसीटीवी लगाने का कार्य तीव्र गति से किए जा रहे हैं जिसे अतिशीघ्र पूरा कर लिया जाएगा | ये सभी सीसीटीवी कैमरे पूरे स्टेशन को कवर करने वाली एचडी प्रकार के तथा चेहरे पहचानने वाले साफ्टवेयर (Facial recognition software) जैसी आधुनिक तकनीकी से लेस हैं | अतिरिक्त सीसीटीव्ही कैमरे की उपलब्धता से स्टेशनों में अपराध में कमी, यात्रियों तथा उनके सामानों की सुरक्षा में वृद्धि, संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम होगी तथा साक्ष्य संग्रहण करने में आसानी होगी | स्टेशनों में सुव्यवस्थित यातायात बनाने के साथ ही भीड़ का बेहतर प्रबंधन करने में भी सहायता मिलेगी | जिसका सीधा लाभ यात्रियों को सुरक्षित व भयमुक्त यात्रा के रूप में मिलेगा | साथ ही साथ रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों और रेल में अपराध करने वालों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी |

मंडल रेल प्रशासन यात्रियों को बेहतर यात्री सुविधाएं तथा सुरक्षा के साथ बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है । मंडल के अंतर्गत अवस्थित स्टेशनों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री एक स्थान से दूसरे स्थानों के लिए यात्रा करते हैं । यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रेल सुरक्षा बल एवं जीआरपी के ऊपर रहती है | स्टेशन के सूक्ष्म से सूक्ष्म गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं जिनकी मदद से रेलवे परिसरों की बेहतर संरक्षा औए सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है | सीसीटीवी की मदद से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट के कंट्रोल रूम से स्टेशनों के सभी गतिविधियों व सुरक्षा की निगरानी 24 घंटे की जा रही है | यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा आपराधिक एवं संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के क्रम में निर्भया फंड के तहत मंडल के 09 स्टेशनों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं | जिसमें रायगढ स्टेशन में 32, पेण्ड्रारोड स्टेशन में 16, अनुपपुर स्टेशन में 32 एवं शहडोल स्टेशन में 16 सहित 04 स्टेशनों में सीसीटीव्ही कैमरे स्थापित किये जा चुके हैं | शेष 05 स्टेशनों जिसमें अम्बिकापुर स्टेशन में 14, कोरबा स्टेशन में 12, अकलतरा स्टेशन में 12, उमरिया स्टेशन में 15 एवं चॉंपा स्टेशन में 23 सीसीटीवी लगाने का कार्य तीव्र गति से किए जा रहे हैं जिसे अतिशीघ्र पूरा कर लिया जाएगा | ये सभी सीसीटीवी कैमरे पूरे स्टेशन को कवर करने वाली एचडी प्रकार के तथा चेहरे पहचानने वाले साफ्टवेयर (Facial recognition software) जैसी आधुनिक तकनीकी से लेस हैं | अतिरिक्त सीसीटीव्ही कैमरे की उपलब्धता से स्टेशनों में अपराध में कमी, यात्रियों तथा उनके सामानों की सुरक्षा में वृद्धि, संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम होगी तथा साक्ष्य संग्रहण करने में आसानी होगी | स्टेशनों में सुव्यवस्थित यातायात बनाने के साथ ही भीड़ का बेहतर प्रबंधन करने में भी सहायता मिलेगी | जिसका सीधा लाभ यात्रियों को सुरक्षित व भयमुक्त यात्रा के रूप में मिलेगा | साथ ही साथ रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों और रेल में अपराध करने वालों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी |

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।