बिलासपुर 04 फरवरी 2024/ राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होगें। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होंगी। योजनांतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रूपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने से शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। महतारी वंदन योजना अंतर्गत 5 फरवरी 2024 को ऑनलाईन व ऑफ लाईन आवेदन का पंजीयन प्रारंभ होगा। प्रथम चरण के लिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 हैं। अनन्तिम सूची 21 फरवरी 2024 को जारी की जाएगी। अनन्तिम सूची पर आपत्ति 21 से 25 फरवरी 2024 तक की जा सकती है। आपत्ति का निराकरण 26 से 29 फरवरी 2024 तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 1 मार्च 2024 को होगा एवं स्वीकृति पत्र 5 मार्च 2024 को जारी होगा तथा पात्र महिला हितग्राही को राशि का अंतरण 8 मार्च 2024 को किया जाएगा।
महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए स्व सत्यापित स्वयं की पासपोर्ट साईज फोटो, स्थानीय निवासी के संबंध में निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दस्तावेज, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड, यदि हो तो स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी, वार्ड, ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकसूची या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा पत्र, शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल https://www.mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत सचिव (ग्राम प्रभारी), बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारी के लॉगिन आईडी से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन पत्र भरने की सम्पूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क होगी। आवेदन प्रपत्र ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, परियोजना कार्यालय तथा जिले द्वारा आयोजित विशेष कैम्प में उपलब्ध होंगे। प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, परियोजना कार्यालय तथा जिले द्वारा आयोजित विशेष कैम्प में कैम्प प्रभारी द्वारा ऑनलाईन की जाएगी। प्रत्येक आवेदन की प्री प्रिंटेड पावती दी जाएगी, यह पावती पोर्टल एप से सीधे एसएमएस द्वारा भी हितग्राही को प्राप्त होगी। निर्धारित तिथि तक आवेदन प्राप्त होने के पश्चात अनंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

आपत्तियों को प्राप्त एवं आपत्ति निराकरण समितियों द्वारा आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार एवं परियोजना अधिकारी की समिति होगी। नगरीय क्षेत्रों हेतु तहसीलदार, सीएमओ एवं परियोजना अधिकारी की समिति होगी। नगर निगम क्षेत्र हेतु आयुक्त नगर निगम अथवा उनके प्रतिनिधि व परियोजना अधिकारी, शहरी विकास प्राधिकरण एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी की समिति होगी। आपत्तियों का निराकरण पश्चात अंतिम सूची जारी किया जाएगा। अपात्र हितग्राहियों की पृथक सूची भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। पात्र हितग्राही को स्वीकृति पत्र ग्राम सचिव व वार्ड प्रभारी द्वारा जारी किया जाएगा। यह सूची पोर्टल पर प्रदर्शित भी होगी। हितग्राही को राशि का भुगतानउनके आधार लिंक्ड डीबीटी आधारित बैंक खाते में किया जाएगा। आपत्ति निराकरण समिति द्वारा भविष्य में हितग्राही के संबंध में कोई आपत्ति प्राप्त होती है, तो उसकी जांच की जाएगी। जांच में अपात्र होने की दशा में संबंधित हितग्राही का नाम सूची से विलोपन की कार्रवाई की जाएगी। भुगतान की गयी राशि की वसूली की कार्रवाई किया जाएगा। मृतक हितग्राहियों के नाम भी समय-समय पर जानकारी प्राप्त होने पर सत्यापन पश्चात अंतिम सूची से विलोपित किया जाएगा। नाम विलोपन की कार्रवाई ग्राम पंचायत सचिव व वार्ड प्रभारी द्वारा किया जाएगा।
पटेल/

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।