उप्र के पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि इसके लिए पूरे अयोध्या जिले में 10,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ सीसीटीवी कैमरों में हम एआई-आधारित तकनीक का उपयोग कर रहे हैं ताकि हम यात्रियों पर कड़ी निगरानी रख सकें।” कार्यक्रम स्थल पर सादे लिबास में बहुभाषी दक्ष पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों की मदद से सरयू नदी के किनारे भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा और गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर यहां आगरा पुलिस अलर्ट पर है।पुलिस उपायुक्त (नगर) सूरज कुमार राय ने इसके चलते आगरा कैण्ट रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। राय के अनुसार, 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर धार्मिक स्थलों की शांति समितियों के साथ बैठकें की गयीं और पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। राय ने कहा कि पुलिस औचक निरीक्षण कर रही है एवं सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। रेलवे पुलिस बल के निरीक्षक (आगरा कैण्ट) शिशिर झा ने बताया कि रेलगाड़ियों और स्टेशन परिसर की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि संदिग्धों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है

अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह को रविवार रात को चेन्नई से लाए गए सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुष्प सजावट टीम के प्रमुख संजय धवलीकर ने बताया कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले भव्य संरचना की सजावट के लिए 20 से अधिक किस्मों के तीन हजार किलोग्राम से ज्यादा फूलों का उपयोग किया गया है। धवलीकर ने बताया कि मंदिर परिसर की सजावट का लगभग 85-90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सजावट में भारत के विभिन्न हिस्सों से लाए गए तीन हजार किलोग्राम से अधिक विभिन्न प्रकार के फूलों का उपयोग किया गया है।’’उन्होंने कहा कि सजावट में इस्तेमाल किए गए फूलों की किस्मों में गुलदाउदी, जरबेरा, आर्किड और एंथुरियम और लिलियम जैसे विदेशी फूल भी शामिल हैं। धवलीकर ने कहा कि अलग-अलग किस्म और रंगों के यह फूल चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, लखनऊ और दिल्ली से लाए गए हैं।
मुहूर्त से ठीक पहले होगा मंगल ध्वनि का वादन

श्रीरामजन्मभूमि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के पुनीत और ऐतिहासिक अवसर पर प्रातः 10 बजे से प्राण- प्रतिष्ठा मुहूर्त के ठीक पहले तक, लगभग 2 घण्टे के लिए श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर में शुभ की प्रतिष्ठा के लिए ‘मंगल ध्वनि का आयोजन किया जाएगा। श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति की परम्परा में किसी भी शुभ कार्य, अनुष्ठान, पर्व के अवसर पर देवता के सम्मुख आनन्द और मंगल के लिए पारम्परिक ढंग से मंगल- ध्वनि का विधान रचा गया है। ऐसे में विभिन्न राज्यों के पच्चीस प्रमुख और दुर्लभ वाद्य यन्त्रों के मंगल वादन से अयोध्या में ये प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न होगा। इसे उन वाद्यों के दक्ष कलाकार प्रस्तुत करेंगे।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।