67वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता (बेसबॉल) का विधिवत समापन शुक्रवार को हो गया। इस पूरी प्रतियोगिता में ओवरऑल चौंपियन मेजबान छत्तीसगढ़ रही। बालक और बालिका दोनों वर्ग में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी छाए रहे। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह ने विजेताओं को अपने हाथों से पुरस्कार का वितरण किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर एनटीपीसी के जनरल मैनेजर श्री अभिजीत चौटर्जी और नगर निगम बिलासपुर के अपर आयुक्त राकेश जायसवाल मौजूद थे ।
यह रहे प्रतियोगिता में विजयी –
अंडर 17 बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ विजेता रहा वहीं उपविजेता दिल्ली की टीम रही तीसरे नंबर पर सीबीएसई की टीम रही वही बालिका वर्ग में विजेता छत्तीसगढ़ की टीम रही। वहीं उपविजेता दिल्ली की टीम रही और तीसरे स्थान पर चंडीगढ़ ने अपना कब्जा जमाया । प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्ग में भी पुरस्कार वितरित किए गए जिसमें बेस्ट मार्च पास्ट के लिए विद्या भारती की टीम को चुना गया । वहीं स्वच्छता पुरस्कार, फेयर प्ले पुरस्कार और अनुशासन पुरस्कार के लिए तमिलनाडु की टीम को सम्मानित किया गया । प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए ।


टीम स्प्रिट सिखने के लिए गेम सबसे बड़ा जरिया – पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसपी श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि जीवन में टीम भावना सबसे जरूरी है और इंसान में यह जज्बा खेल के माध्यम से ही पैदा होता है । खेल हमें सिखाता है कि किस प्रकार एक दूसरे की मदद करके जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है । उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से लगातार इस बात की जानकारी मिल रही थी की किस प्रकार हमारे शहर बिलासपुर में अलग-अलग राज्यों के बच्चे अपने शानदार खेल के माध्यम से अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं जिन टीमों ने जीत हासिल की है उन्हें ढेर सारी बधाई और जो इस बार चूक गए हैं उन्हें अग्रिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं ।


प्रतियोगिता को सफल बनाने में राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के संगठन सचिव आर पी आदित्य , नोडल अधिकारी प्रशांत राय , संचालनालय के सहायक संचालक क्रीड़ा अनिल मिश्रा , संयुक्त संचालक कार्यालय बिलासपुर के सहायक संचालक जी डी गर्ग, आदिम जाति खेल विभाग से सहायक संचालक सुशील मिश्रा , जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सहायक संचालक पी दशरथी समेत दर्जनों प्राचार्य व्यायाम शिक्षक, शिक्षक गण और प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका रही । शिक्षा संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक आर पी आदित्य ने बिलासपुर की मीडिया को विशेष तौर पर धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि मीडिया के सहयोग से प्रतिदिन खबरें लोगों तक पहुंचती रही और आपने प्रतियोगिता को सफल बनाने में अपना उत्कृष्ट सहयोग प्रदान किया

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।