देश के 4477 शहरों के बीच था मुकाबला,4449 शहरों को पछाड़कर टाॅप 30 में हमर बिलासपुर 

मुंबई,कलकत्ता,बैंगलोर जयपुर जैसे महानगर हमसे पीछे

छ.ग. का चौथा सबसे स्वच्छ शहर,अंबिकापुर हमसे सिर्फ एक पायदान ऊपर

सेवा प्रदान करने में बिलासपुर नोएडा और अहमदाबाद जैसे शहरों से आगे

बिलासपुर-स्वच्छता में एक बार फिर बिलासपुर ने अपना परचम लहराया है,स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में 28 वां स्थान हासिल किया है और छत्तीसगढ़ का चौथा सबसे स्वच्छ शहर बना है। आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण के परिणामों की घोषणा की गई। बिलासपुर शहर को एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देश का 28 वां सबसे साफ सूथरा शहर घोषित किया गया है। पिछले बार के सर्वेक्षण में दस लाख तक के शहरों की कैटेगरी में बिलासपुर 25 वें स्थान पर था पर इस बार एक लाख से अधिक आबादी के सभी शहरों के बीच मुकाबला था जिसमें देश के कई बड़े महानगर शामिल हो गए थे,ऐसे में मुंबई,कलकत्ता, बैंगलोर जैसे महानगरों को पछाड़कर आगे रहना एक बड़ी उपलब्धि है।

देश भर के 4477 शहरों का सर्वेक्षण किया गया था,जिसमें 4449 शहरों को पछाड़कर टाॅप 30 में जगह बनाते हुए 28 वां स्थान पाकर बिलासपुर ने यह उपलब्धि हासिल की है। रैंक के आधार पर बिलासपुर छ.ग. का चौथा सबसे स्वच्छ शहर है,देश भर में स्वच्छता और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट का माडल बन चुके अंबिकापुर का स्थान हमसे सिर्फ एक पायदान ऊपर 27है, सर्वेक्षण के परिणामों में अंबिकापुर को बिलासपुर से दशमलव 15 अंक अधिक मिला है। अंबिकापुर को 7466.80 और बिलासपुर को 7466.65 अंक प्राप्त हुआ है।

बिलासपुर ने ऐसे लहराया परचम,सर्विस में कई बड़े शहर हमसे पीछे

9500 में 7466 अंक हासिल

सर्वेक्षण के तहत केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग मापदंडों में 9500  नंबर निर्धारित किए गए थे, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर नगर निगम ने साफ-सफाई,डोर टू डोर कचरा कलेक्शन,इमरजेंसी सफाई, स्वच्छता संबंधी शिकायतों के निराकरण जैसे सर्विस लेवल प्रोग्रेस कैटेगरी में 4830 में 4213.76 नंबर हासिल किया है। नागरिकों को सेवा प्रदान करने के मामले में हमसे अधिक रैंक पाने वाले नोएडा और अहमदाबाद जैसे शहर भी बिलासपुर से पीछे है। सिटीजन वाॅइस में 2170 में 1802.89, सर्टिफिकेशन में 2500 में 1450 नंबर बिलासपुर को मिला है। कुल मिलाकर 9500 में 7466.65 बिलासपुर नगर निगम को मिला है।

देश के कई बड़े शहर हमसे पीछे

स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में इस बार प्रतिस्पर्धा और रैंकिंग एक साथ की गई है,इससे पहले तक आबादी के आधार पर उन्हीं शहरों के बीच मुकाबला होता था,जिसमें बिलासपुर दस लाख तक की आबादी वाले शहरों में शामिल था पर इस बार के सर्वेक्षण में एक लाख से अधिक आबादी के सभी शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा थी,जिसमें कई महानगर पालिका भी शामिल थी इससे मुकाबला काफी कड़ा था। इसके बावजूद बिलासपुर ने 28 वां स्थान हासिल किया है, देश के कई बड़े महानगर कलकत्ता की रैंकिंग 438,मुंबई 189,अमृतसर 142,जयपुर 173,बैंगलोर 125,चेन्नई 199 जैसे स्थानों पर रहा।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।