दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ड्रग्स तस्करो के विरुद्ध चल रहा ऑपरेशन नार्कोस

बिलासपुर – 26 दिसंबर, 2023 रेल यात्रियों एवं रेल सम्पत्तियों की सुरक्षा के साथ साथ अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को निभाते हुये रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ऑपरेशन "नार्कोस" अभियान का सफल क्रियान्वयन कर रही है । इसके अंतर्गत के तहत 1.56 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किया गया है । यह अभियान नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए शुरू किया । रेल के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान जून-2022 में प्रारंभ किया गया था । रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस अवैध व्यापार में शामिल ड्रग तस्करों को निशाना बनाने के लिये नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से देश भर में ट्रेनों व चिह्नित ब्लैक स्पॉट में अपनी जाँच तेज़ कर दी है । कानून प्रवर्तन एजेंसी के तौर पर रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने हाल के दिनों में ऑपरेशन नार्कोस के अंतर्गत महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है । इस ऑपरेशन के तहत रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे के माध्यम से नारकोटिक्स उत्पादों को ले जाने वाले वाहक/ट्रांसपोर्टरों के विरुद्ध तीव्र कारवाई किया है । इस अवैध व्यापार में शामिल ड्रग पेडलर्स को लक्षित करने के लिए एनसीबी और अन्य एलईए के समन्वय से ट्रेनों और चिन्हित ब्लैक स्पॉट में अपनी जांच भी तेजी लाते हुए अभी तक 1.56 करोड़ रुपये के लगभग 1248 किलोग्राम विभिन्न नशीले पदार्थों के उत्पादों को बरामद किया गया है ।

रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अभी तक अपने कार्याधिकार क्षेत्र के भीतर एनडीपीएस ले जाने वाले 119 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और इन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों और सामानों के परिवहन में अग्रणी भूमिका निभाता है । इसके व्यापक नेटवर्क के कारण अपराधियों द्वारा अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनों का उपयोग एनडीपीएस को आम यात्रियों के रूप में ड्रग कैरियर्स को छिपाने के लिए विभिन्न राज्यों में तस्करी के लिए किया जाता है । इस प्रकार, सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस तरह के नशीले पर्दाथों की तस्करी और रेलवे को एनडीपीएस के अवैध परिवहन का माध्यम बनने से रोकना बहुत चुनौतीपूर्ण हो जाता है । रेलवे सुरक्षा बल को अप्रैल 2019 से एनडीपीएस अधिनियम के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने का अधिकार दिया गया है और बल अवैध व्यापार को प्रतिबंधित करने के सरकार के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहभागी बन रहा है । नशीले पदार्थ न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को खराब करते हैं, बल्कि ये पदार्थ अर्थव्यवस्था और राष्ट्र के हित को भी नुकसान पहुंचाते हैं । नशीली दवाओं की लत के दूरगामी प्रभाव होते हैं क्योंकि यह व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं । रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने इस अभियान को तीव्र गति से जारी रखेगी

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।