मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आईसीएआई द्वारा आयोजित ‘‘अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन फाइनेंशियल रिपोर्टिंग‘‘ कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वित्तीय, गैर वित्तीय, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की संस्थाओं तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि 2047 तक भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प को पूरा करने में सभी वित्तीय, गैर वित्तीय, उद्योग और सेवा प्रदाता कंपनियों की बड़ी भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और सभी के सहयोग से निश्चित ही हम अपने वित्तीय लक्ष्यों को तय समय में प्राप्त करने में सफल होंगे। श्री साय ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट की वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जितना बेहतर वित्तीय प्रबंधन होगा, वह संस्था उतनी ही गति से विकास करेगी। इसे समग्रता में देखें तो बेहतर वित्तीय प्रबंधन देश को भी आर्थिक रूप से मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी आने के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका बढ़ी है और उनकी दक्षता का लाभ कंपनियों को मिल रहा है, जिससे वित्तीय प्रबंधन करना भी आसान हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि इस प्रकार के पारितोषिक वितरण समारोह के आयोजन से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना आती है और लोग अपने काम को और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित भी होते हैं। उन्होंने आईसीएआई छत्तीसगढ़ को इस आयोजन के लिए साधुवाद दिया।


        इस अवसर पर आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनिकेत तलाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री रंजीत अग्रवाल, रायपुर शहर अध्यक्ष श्री रवि ग्वालानी, श्री अनुज गोयल, श्री देवाशीष मित्रा सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट उपस्थित थे।

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अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी ‘इसोफैजेक्टॉमी’ सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया इसोफैजेक्टॉमी (Esophagectomy) सफ tcलतापूर्वक की गई। इस जटिल ऑपरेशन का सफल नेतृत्व डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया।
इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे कठिन और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण शल्यक्रियाओं में गिना जाता है। इस प्रक्रिया में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट (स्टमक) की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग बनाया जाता है। यह ऑपरेशन अत्यधिक विशेषज्ञता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं तथा बहु-विषयक चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों की मांग करता है।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर में इस जटिल सर्जरी की सफलता प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अब छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसी उन्नत कैंसर सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता चलना उपचार की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में कठिनाई, बिना कारण वजन कम होना, भोजन करते समय रुकावट महसूस होना अथवा लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक बेहतर होते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता के लिए डॉ. अमोल पडेगांवकर एवं उनकी संपूर्ण सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग तथा सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर उन्नत कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह सफल शल्यक्रिया न केवल अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब मध्य भारत में अत्याधुनिक एवं जटिल कैंसर सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक की जा रही हैं।